
3 जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है। अब तक जिन भक्तों ने ऑनलाइन माध्यम से यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उनके लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चल रही है। भक्तों की श्रद्धा और उम्मीदों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है। सोमवार (30 जून) से स्थापित रजिस्ट्रेशन केंद्रों पर पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को बालटाल और पहलगाम मार्ग से शुरू होगी। बालटाल मार्ग 14 किलोमीटर का है, लेकिन यहां खड़ी चढ़ाई है, इसलिए यह मार्ग बुजुर्गों और कमजोर स्वास्थ्य वालों के लिए उपयुक्त नहीं है। वहीं, पहलगाम का मार्ग 48 किलोमीटर लंबा है, जो भक्ति, धैर्य और शारीरिक क्षमता का अद्भुत संगम दर्शाता है।
कैसे करें रजिस्ट्रेशन?
अगर आप श्री अमरनाथ यात्रा पर आना चाहते हैं और अब तक पंजीकरण नहीं कर पाए हैं तो चिंता की कोई बात नहीं है। जम्मू में सोमवार से पंजीकरण की प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई है। पहले आओ पहले पाओ के आधार पर तीर्थयात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। जम्मू शहर में विशेष रूप से तत्काल पंजीकरण काउंटर बनाए गए हैं। 2 जुलाई को पहला जत्था रवाना होगा और 3 तारीख से यात्रा शुरू होगी। इस यात्रा के दौरान यात्रियों को मेडिकल सर्टिफिकेट, 4 पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, RFID कार्ड और ट्रैवल एप्लिकेशन फॉर्म अपने साथ रखना अनिवार्य होगा।
कहां-कहां हैं टोकन सेंटर?
जम्मू रेलवे स्टेशन के पास, सरस्वती धाम: यहां से श्रद्धालुओं को पहले टोकन लेना होता है। टोकन लेने के लिए मेडिकल चेकअप अनिवार्य है, जिससे स्वास्थ्य की पुष्टि के बाद टोकन जारी किया जाता है।
वैष्णवी धाम, जम्मू: यह आम श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन केंद्र है। टोकन प्राप्त करने के बाद यहां रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
पंचायत भवन महाजन, जम्मू: यह केंद्र भी सामान्य श्रद्धालुओं के लिए सुविधा प्रदान करता है।
ई-केवाईसी सेंटर, रेलवे स्टेशन और बेस कैंप भगवती नगर: साधु-संतों के लिए विशेष रूप से बनाए गए केंद्र, जहां ई-केवाईसी और RFID कार्ड से संबंधित कार्य होते हैं।
देशभर की नामित बैंक शाखाएं: देशभर में 533 से अधिक बैंक शाखाएं ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए अधिकृत हैं। इनमें PNB की 309 शाखाएं, SBI की 99 शाखाएं, J&K बैंक की 91 शाखाएं और Yes बैंक की 34 शाखाएं शामिल हैं।
कैसे कराएं ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन?
ऑफलाइन पंजीकरण के लिए श्रद्धालुओं को आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, SASB द्वारा अधिकृत डॉक्टर से मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और अन्य पहचान पत्र जैसे वोटर आईडी या पैन कार्ड साथ लाना आवश्यक है। जम्मू में टोकन प्राप्त करने के बाद, निर्धारित केंद्र पर दस्तावेज जमा कर पंजीकरण पूरा किया जा सकता है।
रजिस्ट्रेशन शुल्क: भारतीय नागरिकों के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुल्क 120 रुपये प्रति व्यक्ति है जबकि ऑनलाइन शुल्क 220 रुपये प्रति व्यक्ति है।
श्रद्धालुओं में पहलगाम हमले का डर नहीं
रजिस्ट्रेशन केंद्र पर पहुंचे कई श्रद्धालुओं ने कहा कि इस बार यात्रा को लेकर किसी भी तरह का डर नहीं है। एक श्रद्धालु ने भावुक होते हुए कहा, "हमारे पास आस्था है, डर नहीं। व्यवस्थाएं बहुत अच्छी हैं और प्रशासन पूरी तरह साथ है।" एक अन्य श्रद्धालु ने गर्व के साथ कहा, "हमारे हौसले से आतंकवादी घबरा जाते हैं। हम जम्मू-कश्मीर आकर सरकार और सेना को यह दिखाना चाहते हैं कि हम किसी से डरते नहीं हैं।"
सीआरपीएफ ने बनाई खास योजना
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए CRPF ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर बहुस्तरीय सुरक्षा योजना लागू की है। हजारों तीर्थयात्रियों के मार्ग की निगरानी के लिए डॉग स्क्वॉड (K-9), ड्रोन और विशेष गश्त दल तैनात किए गए हैं। उधमपुर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
एसडीएम का बयान
जम्मू दक्षिण के एसडीएम मनु हंसा ने कहा, "हम यहां सभी अमरनाथ भक्तों का दिल से स्वागत करते हैं। सरस्वती धाम जम्मू का एकमात्र टोकन सेंटर है जो बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों के लिए टोकन जारी करता है। इसके अलावा तीन पंजीकरण केंद्र और छह-छह टोकन सेंटर बनाए गए हैं।"
दो जुलाई को रवाना होगा पहला जत्था
2 जुलाई 2025 को तीर्थयात्रियों का पहला जत्था जम्मू आधार शिविर से रवाना होगा, जबकि यात्रा आधिकारिक रूप से 3 जुलाई 2025 को शुरू होगी। इससे पहले 29 जून को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक संयुक्त मॉक भूस्खलन अभ्यास किया गया, जिसमें भारतीय सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और जेकेएसडीआरएफ शामिल रहे। इस अभ्यास का उद्देश्य तीर्थयात्रा के दौरान किसी आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना था।














