
अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने बुधवार को 1,000 करोड़ रुपये का नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) इश्यू लॉन्च किया और हैरान कर देने वाली बात ये रही कि यह महज तीन घंटे में ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। इस तेज़ रफ्तार सब्सक्रिप्शन को देखकर बाज़ार से लेकर निवेशक समुदाय तक हर कोई हैरान रह गया। स्टॉक एक्सचेंज के डेटा से साफ जाहिर हुआ कि निवेशकों में अडानी ग्रुप को लेकर जबरदस्त भरोसा और उत्साह है। यह इश्यू बुधवार को खुला था और 22 जुलाई तक खुला रहना था, लेकिन इतनी जल्दी सब्सक्रिप्शन के चलते अब इसकी पहले ही क्लोजिंग तय मानी जा रही है।
9.3 फीसदी तक मिलेगा सालाना ब्याज, निवेशकों के लिए सुनहरा मौका
इस इश्यू में अडानी ग्रुप ने निवेशकों को सालाना 9.3 फीसदी तक ब्याज का वादा किया था, जो मौजूदा समय में एक आकर्षक रिटर्न माना जा रहा है। खास बात यह रही कि इसमें रिटेल निवेशकों, हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) और कॉरपोरेट्स ने खुलकर हिस्सा लिया। दोपहर 3:30 बजे तक 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिल चुकी थीं, जो यह बताने के लिए काफी है कि लोगों को इस इश्यू पर कितना भरोसा है।
दूसरा पब्लिक इश्यू, लेकिन निवेशकों का उत्साह पहले से दोगुना
यह अडानी एंटरप्राइजेज का दूसरा पब्लिक NCD इश्यू है। पिछले साल सितंबर में लॉन्च हुए पहले इश्यू की तुलना में इस बार निवेशकों की भागीदारी कहीं ज्यादा तेज रही। यह केवल कंपनी की फाइनेंशियल मजबूती ही नहीं, बल्कि ब्रांड अडानी में आम जनता के विश्वास को भी दर्शाता है। लीड मैनेजर ने बताया, “इस इश्यू में केवल गैर-संस्थागत निवेशकों ने भाग लिया, जिससे साफ है कि ब्रांड अडानी अब आम निवेशकों के दिलों में गूंज रहा है।”
500 करोड़ का था बेस साइज, ओवर-सब्सक्रिप्शन में भी दिखी दिलचस्पी
इस इश्यू का बेस साइज 500 करोड़ रुपये रखा गया था, जिसमें ओवर-सब्सक्रिप्शन के तहत अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये को रिटेन करने का विकल्प भी था। NCD की फेस वैल्यू 1,000 रुपये रखी गई और न्यूनतम आवेदन राशि 10 NCDs यानी 10,000 रुपये तय की गई थी। इसके बाद निवेशक 1-1 NCD की मल्टीपल में निवेश कर सकते थे, जिससे यह इश्यू मध्यमवर्गीय निवेशकों के लिए भी पहुंच योग्य बन सका।
कर्ज चुकाने और कंपनी को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम
कंपनी ने पहले ही साफ कर दिया था कि इस इश्यू से मिलने वाली राशि का 75% हिस्सा मौजूदा कर्ज को चुकाने या प्रीपेमेंट में लगाया जाएगा। शेष 25% जनरल कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए उपयोग में लाया जाएगा। यह रणनीति कंपनी की बैलेंस शीट को बेहतर बनाने के साथ-साथ निवेशकों में विश्वास भी और पुख्ता करती है।
टेन्योर के हिसाब से फ्लेक्सिबल विकल्प
इस इश्यू में निवेशकों के लिए 24, 36 और 60 महीनों के टेन्योर के साथ ब्याज भुगतान के तिमाही, सालाना और क्यूमुलेटिव ऑप्शंस भी थे, जिससे निवेशकों की पसंद को प्राथमिकता दी गई। कुल आठ सीरीज में बांटे गए इन विकल्पों ने इस इश्यू को और ज्यादा लोकप्रिय बना दिया।














