न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

बच्चों के लिए घातक बन सकती हैं हाईपर पेरेंटिंग, जानें इसके नुकसान

आज इस कड़ी में हम आपको हाईपर पेरेंटिंग से बच्चों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव के बारे में बताने जा रहे हैं।

Posts by : Neha | Updated on: Sat, 31 Dec 2022 12:02:42

बच्चों के लिए घातक बन सकती हैं हाईपर पेरेंटिंग, जानें इसके नुकसान

हर पेरेंट्स अपने बच्चों की भलाई चाहते हैं और उसके लिए उन्हें अच्छी परवरिश या पेरेंटिंग करने की कोशिश करते हैं। सभी पेरेंट्स का अपने बच्चों की परवरिश करने का एक अलग तरीका होता है। लेकिन कई बार आपकी यह कोशिश बच्चों को फायदा पहुंचाने की जगह नुकसान पहुंचाती हैं। जी हां, कई पेरेंट्स अपने बच्चों के साथ हाईपर पेरेंटिंग को अपनाते हैं। यह पेरेटिंग का एक ऐसा रूप है जहां माता-पिता बच्चे की हर एक्टिविटी को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं। वह बच्चों की हर समस्या को खुद ही हल करने का प्रयास करते हैं। वह चाहते हैं कि उनका बच्चा हर चीज में आगे हो। कई बार इसका नकारात्मक असर भी बच्चों पर पड़ता है। आज इस कड़ी में हम आपको हाईपर पेरेंटिंग से बच्चों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव के बारे में बताने जा रहे हैं।

hyper parenting can become fatal for children know its disadvantages,mates and me,relationship tips

माता-पिता से टकराव

कई बार इस दौरान बच्चों के मन में माता-पिता के प्रति नकारात्मक विचार पैदा हो सकते हैं। इस दौरान बच्चों को ऐसा लग सकता है कि वे किसी की कैद में हैं। इसकी वजह से धीरे-धीरे उनके बड़े होने पर अपने माता-पिता के प्रति नकारात्मक विचार पैदा होने की आशंका बनी रहती है।

सोचने के क्षमता का कमजोर हो जाना


जब बच्चे हर काम पेरेंट्स की मदद से करते हैं तो उनमे खुद की समझ भी देर डेवलप होती है। हर काम को सपोर्ट से करते-करते उनकी थिंकिग स्किल कमजोर पड़ जाती है। वहीँ जब उनको स्कूल या कहीं बाहर खुद की समझ से कुछ काम करने को दिया जाता है तो वह और बच्चों की तुनला में पिछड़ जाता है। इसलिए पेरेंट्स को हर काम में बच्चे की मदद करके उसकी सोचने के क्षमता को कमजोर नहीं बनाना चाहिए।

hyper parenting can become fatal for children know its disadvantages,mates and me,relationship tips

खुद को कम समझना

माता-पिता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने पर बच्चों को लगने लगता है कि वह दूसरे बच्चों से कम हैं। उन्हें खुद में कमी महसूस होने लगती है, जिससे वह अपने माता-पिता सहित अन्य लोगों से भी कटने लगते हैं। बच्चों में यह व्यवहार घातक हो सकता है। ऐसे बच्चों में आत्मविश्वास की कमी हो जाती है। वह घर से बाहर या स्कूल में किसी भी काम को अकेले करने में घबराते हैं। वो हर छोटे काम को करने में चिंता और परेशानी महसूस करते है।

बिमारियों का शिकार हो जाना


अपने बच्चों को लेकर हर समय चिंतित करना ऐसे पेरेंट्स की आदत होती है। अगर उनका बच्चा अगर बाहर पार्क में खेलने जाए तो उनको हाइजीन की चिंता सताती है। उनको लगता है दूसरे बच्चों के साथ धूल मिट्टी में खेलने से वह जर्म्स के कॉन्टेक्ट में आएगा। जबकि हर समय साफ़ सफाई के माहौल में रहने वाले बच्चे जल्दी बिमारियों की चपेट में आ जाते हैं।

hyper parenting can become fatal for children know its disadvantages,mates and me,relationship tips

डर महसूस करना

हाइपर पेरेंटिंग के चलते कई बार बच्चे डर का शिकार होने लगते हैं। वह हर चीज को करने और किसी मुश्किल का सामना करने से कतराते हैं। हर चीज से डरते हैं और निरंतर समर्थन चाहते हैं, जिसकी सबसे बड़ी वजह है मानसिक शक्ति की कमी

बुलिंग का शिकार होना

हाईपर पेरेंटिंग से अकसर बच्चे फ्रीडम वाले महौल को मिस कर जाते हैं। वो अपने से जुड़ी हर बात या फैसले के लिए पेरेंट्स पर डिपेंड होते हैं। क्योंकि उनको ज्यादा फ्र्रेंडम नहीं मिली होती इसलिए वो बुलिंग के टाइम पर अपने साथयों को ज्यादा जवाब नहीं दे पाते। हर बात में पेरेंट्स के कंट्रोल से बच्चे शर्मीले बन सकते हैं जो आसानी से दूसरों के कमेंट से ही दुखी हो जाते हैं।

hyper parenting can become fatal for children know its disadvantages,mates and me,relationship tips

माता-पिता पर निर्भरता बढ़ना

ऐसे बच्चे जिनका पालन-पोषण हाईपर पेरेंटिंग के तौर तरीकों से हुआ है उनकी अपने माता-पिता पर निर्भरता बढ़ जाती है। ऐसे बच्चे हर किसी चीज के लिए माता-पिता पर निर्भर हो जाते हैं। एक तरफ जहां पूरी दुनिया बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास कर रही है वहीं हेलिकॉप्टर पेरेंटिंग बच्चों को माता-पिता पर अधिक निर्भर बनती है।

राज्य
View More

Shorts see more

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

  • किचन का आम तेल भी बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह
  • Linoleic Acid बढ़ा सकता है खतरनाक Triple-Negative Breast Cancer
  • सरसों का तेल, नारियल तेल या देसी घी हो सकते हैं सुरक्षित विकल्प
read more

ताजा खबरें
View More

PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत