अगर नाश्ते या खाने में रोज पालक, बथुआ या दूसरी हरी पत्तेदार सब्जियों का इस्तेमाल करके आप कुछ अलग बनाना चाहते हैं, तो मोरिंगा यानी सहजन के पत्तों का पराठा एक विकल्प हो सकता है। सहजन की कोमल पत्तियों को गेहूं के आटे में मिलाकर स्वादिष्ट पराठे तैयार किए जा सकते हैं। सितंबर 2026 में मोरिंगा पराठे की ऐसी रेसिपी हाल की खान-पान सामग्री में भी सामने आई है।
मोरिंगा की पत्तियों में कई पोषक तत्व और जैव सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं। एक वैज्ञानिक तुलनात्मक अध्ययन में मोरिंगा, पालक और मेथी समेत कई हरी पत्तेदार सब्जियों के पोषक यौगिकों का अध्ययन किया गया। इसमें मोरिंगा की पत्तियों में कुल कैरोटिनॉयड, अल्फा-टोकोफेरॉल और फाइटोस्टेरॉल की मात्रा अध्ययन की गई अन्य पत्तेदार सब्जियों की तुलना में अधिक पाई गई। हालांकि, इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि मोरिंगा हर मामले में पालक या बथुआ से बेहतर है।
मोरिंगा पराठे के लिए सामग्री
1 कप गेहूं का आटा
¼ कप बेसन
1 कप ताजी मोरिंगा यानी सहजन की पत्तियां
स्वादानुसार नमक
¼ चम्मच हल्दी
लाल मिर्च पाउडर स्वादानुसार
½ चम्मच अजवाइन
1 हरी मिर्च, बारीक कटी या कुटी हुई
थोड़ा सा अदरक, बारीक कटा या कुटा हुआ
1 चम्मच घी या तेल
जरूरत के अनुसार पानी
पराठे सेंकने के लिए घी या तेल
यह सामग्री हाल में प्रकाशित मोरिंगा पराठे की एक रेसिपी में भी इस्तेमाल की गई है।
सबसे पहले मोरिंगा की पत्तियां तैयार करें
मोरिंगा की टहनियों से पत्तियों को अलग कर लें। इसके बाद इन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धोएं ताकि पत्तियों पर लगी धूल और मिट्टी निकल जाए।
पत्तियों को धोने के बाद पानी अच्छी तरह निकाल दें। अब इन्हें बारीक काट लें। बहुत बड़ी या कड़ी टहनियों को आटे में मिलाने के बजाय केवल कोमल पत्तियों का इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा।
ऐसे गूंथें पराठे का आटा
एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा और बेसन डालें। इसमें नमक, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और अजवाइन मिला दें।
अब कटी हुई मोरिंगा की पत्तियां, हरी मिर्च और अदरक डालें। एक चम्मच घी या तेल भी मिलाएं। सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाने के बाद थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर सामान्य नरम आटा गूंथ लें।
आटे को बहुत ज्यादा ढीला न रखें, क्योंकि मोरिंगा की पत्तियों में मौजूद नमी के कारण आटा कुछ देर बाद और नरम हो सकता है।
पराठे को दें परतदार बनावट
गूंथे हुए आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें। एक लोई को सूखे आटे में लपेटकर बेलें।
अगर आपको पराठा थोड़ा परतदार और कुरकुरा पसंद है, तो बेले हुए पराठे पर हल्का घी लगाकर उसे तिकोने या चौकोर आकार में मोड़ें और फिर से बेल लें। यह तरीका हाल की साझा की गई मोरिंगा पराठा विधि में भी बताया गया है।
मध्यम आंच पर ऐसे सेंकें
तवा गर्म करें और उस पर बेला हुआ पराठा डालें। कुछ देर बाद पलटें और दोनों तरफ हल्का घी या तेल लगाकर मध्यम आंच पर सेंकें।
पराठे पर हल्के सुनहरे धब्बे आने और दोनों तरफ से अच्छी तरह सिक जाने के बाद इसे तवे से उतार लें। इसे दही, अचार या हरी चटनी के साथ गर्मागर्म परोसा जा सकता है।
मोरिंगा की पत्तियों में क्या खास है?
मोरिंगा की पत्तियां पोषक तत्वों से भरपूर हरी पत्तेदार सब्जियों में गिनी जाती हैं। वैज्ञानिक शोध में इनमें बीटा-कैरोटीन समेत कई कैरोटिनॉयड और अन्य जैव सक्रिय यौगिक पाए गए हैं। हालांकि, इंटरनेट पर मोरिंगा को लेकर कई बहुत बड़े स्वास्थ्य दावे किए जाते हैं, जिनमें से सभी के लिए मजबूत मानव-आधारित प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
इसलिए मोरिंगा पराठे को रोजमर्रा के भोजन में शामिल की जा सकने वाली पौष्टिक रेसिपी के तौर पर देखा जा सकता है, लेकिन इसे किसी बीमारी का इलाज या किसी दूसरी हरी सब्जी का निश्चित रूप से बेहतर विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
पालक और बथुआ से क्या यह ज्यादा पौष्टिक है?
मोरिंगा की तुलना पालक या बथुआ से करते समय केवल एक-दो पोषक तत्वों को देखकर किसी एक पत्ते को सबसे ज्यादा पौष्टिक बताना सही नहीं होगा। अलग-अलग हरी पत्तेदार सब्जियों में अलग पोषक तत्व और जैव सक्रिय यौगिक होते हैं।
एक तुलनात्मक अध्ययन में मोरिंगा में कुछ कैरोटिनॉयड और दूसरे यौगिकों की मात्रा उल्लेखनीय पाई गई, लेकिन शोधकर्ताओं ने भी पोषक तत्वों की तुलना को उनके उपयोग और संरचना के संदर्भ में देखा है। इसलिए भोजन में पालक, बथुआ, मेथी और मोरिंगा जैसी अलग-अलग हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना विविध पोषण देने का व्यावहारिक तरीका हो सकता है।
मोरिंगा पराठे की खासियत यह है कि सहजन की पत्तियों को अलग से सब्जी बनाने के बजाय उन्हें सीधे रोजमर्रा के आटे में मिलाकर खाया जा सकता है। इससे स्वाद में भी बदलाव आता है और भोजन में एक अलग तरह की हरी पत्ती शामिल हो जाती है।













