अक्सर लोग अपनी सेहत का तो पूरा ध्यान रखते हैं, लेकिन दांतों की देखभाल को नजरअंदाज कर देते हैं। यही वजह है कि कम उम्र में ही कई लोगों को कैविटी, दांतों का पीला पड़ना, मसूड़ों की समस्या और मुंह की दुर्गंध जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर 20 वर्ष की उम्र के बाद से ही सही ओरल हाइजीन की आदतें अपना ली जाएं, तो दांत लंबे समय तक स्वस्थ और मजबूत बनाए रखे जा सकते हैं। डेंटिस्ट इशिता जखनवाल ने भी अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में ऐसी ही 10 जरूरी आदतों का जिक्र किया है, जिन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाकर दांतों की बेहतर देखभाल की जा सकती है।
1. दिन में दो बार कम से कम दो मिनट तक ब्रश करें
विशेषज्ञ के अनुसार वह खुद रोजाना दो बार करीब दो मिनट तक ब्रश करती हैं। हालांकि रात में सोने से पहले किया गया ब्रश सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि किसी कारणवश आप केवल एक बार ही ब्रश कर पाते हैं, तो कोशिश करें कि वह रात में सोने से पहले हो, क्योंकि इसी दौरान मुंह में बैक्टीरिया तेजी से सक्रिय होकर कैविटी बनने की संभावना बढ़ा सकते हैं।
2. रोजाना फ्लॉस करने की आदत डालें
सिर्फ ब्रश करना ही पर्याप्त नहीं होता। कई बार दांतों के बीच फंसे खाद्य कण और प्लाक तक ब्रश नहीं पहुंच पाता। ऐसे में दिन में कम से कम एक बार फ्लॉस का इस्तेमाल करने से दांतों के बीच की सफाई बेहतर होती है और छिपी हुई कैविटी बनने का जोखिम कम हो सकता है।
3. रात में ब्रश करने के बाद तुरंत कुल्ला न करें
डेंटिस्ट बताती हैं कि रात में ब्रश करने के बाद वह पानी से कुल्ला नहीं करतीं, बल्कि टूथपेस्ट को दांतों पर कुछ समय तक रहने देती हैं। उनका मानना है कि फ्लोराइड अधिक समय तक दांतों के संपर्क में रहने से इनेमल को अतिरिक्त सुरक्षा मिल सकती है।
4. एसिडिक चीजें खाने के तुरंत बाद ब्रश करने से बचें
विशेषज्ञ नाश्ता या कॉफी लेने से पहले ब्रश करना पसंद करती हैं। उनका कहना है कि खट्टे या एसिडिक खाद्य पदार्थ खाने के तुरंत बाद ब्रश नहीं करना चाहिए, क्योंकि उस समय दांतों की बाहरी परत यानी इनेमल थोड़ी नरम हो जाती है। ऐसे में तुरंत ब्रश करने से इनेमल को नुकसान पहुंच सकता है।
5. सही व्हाइटनिंग प्रोडक्ट का चुनाव करें
यदि आप दांतों को सफेद बनाने वाले उत्पादों का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उनके इंग्रीडिएंट्स जरूर जांचें। विशेषज्ञ के मुताबिक, प्रभावी व्हाइटनिंग प्रोडक्ट्स में पेरोक्साइड जैसे तत्व मौजूद होते हैं। यदि किसी उत्पाद में यह सक्रिय तत्व नहीं है, तो उससे अपेक्षित परिणाम मिलने की संभावना कम हो सकती है।
6. ब्रश न कर पाएं तो जाइलिटोल गम चबाएं
ऐसी स्थिति में जब तुरंत ब्रश करना संभव न हो, तब जाइलिटोल युक्त शुगर-फ्री गम एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यह मुंह में बनने वाले एसिड को संतुलित करने और कैविटी पैदा करने वाले बैक्टीरिया की संख्या कम करने में मदद कर सकता है।
7. दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें
पर्याप्त पानी पीना सिर्फ शरीर ही नहीं, बल्कि दांतों के लिए भी फायदेमंद होता है। नियमित अंतराल पर पानी पीने से मुंह साफ रहता है, भोजन के कण बाहर निकलते हैं और इनेमल की सुरक्षा में भी मदद मिलती है।
8. बार-बार स्नैकिंग करने से बचें
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल चीनी की मात्रा ही नहीं, बल्कि दिनभर कितनी बार खाना खाया जा रहा है, यह भी महत्वपूर्ण है। लगातार कुछ न कुछ खाते रहने से मुंह में एसिड बनने की प्रक्रिया जारी रहती है, जिससे दांतों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है।
9. समय-समय पर प्रोफेशनल डेंटल क्लीनिंग करवाएं
डेंटिस्ट इशिता जखनवाल के अनुसार, वह साल में दो बार प्रोफेशनल डेंटल क्लीनिंग करवाती हैं। नियमित डेंटल चेकअप और पेशेवर सफाई से दांतों पर जमी टार्टर और प्लाक को हटाने में मदद मिलती है, जिससे कई समस्याओं से बचाव हो सकता है।
10. फ्लोराइड युक्त ओरल केयर प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता दें
विशेषज्ञ सलाह देती हैं कि केवल "नेचुरल" लिखा होने की वजह से किसी भी प्रोडक्ट का इस्तेमाल न करें। यदि टूथपेस्ट में फ्लोराइड नहीं है, तो वह इनेमल को उतनी प्रभावी सुरक्षा नहीं दे पाएगा। मजबूत और स्वस्थ दांतों के लिए ऐसे प्रोडक्ट्स चुनना बेहतर होता है जो वैज्ञानिक रूप से प्रभावी साबित हुए हों।
ध्यान दें: यदि आपको लगातार दांतों में दर्द, मसूड़ों से खून आना, संवेदनशीलता या कैविटी जैसी समस्या महसूस हो रही है, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय दंत चिकित्सक से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।













