न्यूज़
Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

पितृ पक्ष 2026: पूर्वजों का श्राद्ध किस तिथि को करें? जानें 26 सितंबर से 10 अक्टूबर तक की पूरी जानकारी

पितृ पक्ष 2026 में पूर्वजों का श्राद्ध किस तिथि को करें? जानें 26 सितंबर से 10 अक्टूबर तक की पूरी श्राद्ध तिथियां और मृत्यु तिथि का नियम।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Mon, 14 Sep 2026 1:29:17

पितृ पक्ष 2026: पूर्वजों का श्राद्ध किस तिथि को करें? जानें 26 सितंबर से 10 अक्टूबर तक की पूरी जानकारी

पितृ पक्ष 2026 में पूर्वजों का श्राद्ध उनकी मृत्यु की हिंदू तिथि के अनुसार किया जाएगा। यानी श्राद्ध के लिए अंग्रेजी कैलेंडर की तारीख से ज्यादा महत्वपूर्ण वह तिथि है, जिस दिन पूर्वज का निधन हुआ था। 2026 में पूर्णिमा श्राद्ध 26 सितंबर को है, जबकि मुख्य पितृ पक्ष की प्रतिपदा 27 सितंबर से शुरू होगी और सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर को होगी। पंचांग के अनुसार इस अवधि में चतुर्थी और पंचमी श्राद्ध एक ही दिन पड़ रहे हैं।

मृत्यु तिथि के हिसाब से ऐसे करें श्राद्ध

अगर किसी पूर्वज की मृत्यु जिस हिंदू तिथि को हुई थी, पितृ पक्ष में उसी तिथि के दिन उनका श्राद्ध किया जाता है। उदाहरण के लिए, मृत्यु प्रतिपदा को हुई थी तो 27 सितंबर को प्रतिपदा श्राद्ध होगा। इसी तरह द्वितीया तिथि वाले पूर्वजों का श्राद्ध 28 सितंबर और तृतीया तिथि वाले पूर्वजों का श्राद्ध 29 सितंबर को किया जाएगा।

2026 में श्राद्ध की तिथियां इस प्रकार रहेंगी:

तारीख - तिथि - श्राद्ध

26 सितंबर - भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा - पूर्णिमा श्राद्ध
27 सितंबर - आश्विन कृष्ण प्रतिपदा - प्रतिपदा श्राद्ध
28 सितंबर - कृष्ण द्वितीया- द्वितीया श्राद्ध
29 सितंबर- कृष्ण तृतीया - तृतीया श्राद्ध
30 सितंबर- कृष्ण चतुर्थी और पंचमी - चतुर्थी व पंचमी श्राद्ध
1 अक्टूबर - कृष्ण षष्ठी - षष्ठी श्राद्ध
2 अक्टूबर - कृष्ण सप्तमी - सप्तमी श्राद्ध
3 अक्टूबर - कृष्ण अष्टमी - अष्टमी श्राद्ध
4 अक्टूबर - कृष्ण नवमी - नवमी श्राद्ध
5 अक्टूबर- कृष्ण दशमी - दशमी श्राद्ध
6 अक्टूबर- कृष्ण एकादशी - एकादशी श्राद्ध
7 अक्टूबर - कृष्ण द्वादशी - द्वादशी श्राद्ध
8 अक्टूबर - कृष्ण त्रयोदशी - त्रयोदशी श्राद्ध
9 अक्टूबर - कृष्ण चतुर्दशी - चतुर्दशी श्राद्ध
10 अक्टूबर - कृष्ण अमावस्या - सर्वपितृ अमावस्या

पंचांग में 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध अलग से दिया गया है। इसके बाद 27 सितंबर से आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा के साथ मुख्य पितृ पक्ष की तिथि-श्रृंखला शुरू होती है।

30 सितंबर को दो तिथियों का श्राद्ध

2026 में एक खास स्थिति 30 सितंबर को बन रही है। इस दिन चतुर्थी और पंचमी दोनों श्राद्ध हैं। इसलिए जिन पूर्वजों की मृत्यु चतुर्थी या पंचमी तिथि को हुई थी, उनका श्राद्ध इसी दिन किया जाएगा।

पंचमी श्राद्ध को कई परंपराओं में कुंवारा पंचमी भी कहा जाता है और इसे अविवाहित दिवंगत परिजनों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि जिनकी मृत्यु पंचमी तिथि को हुई हो, उनके लिए मृत्यु तिथि के आधार पर पंचमी श्राद्ध ही मुख्य आधार है।

नवमी को मातृ नवमी

4 अक्टूबर को नवमी श्राद्ध होगा। इस दिन मातृ नवमी का भी उल्लेख किया जाता है। कई परंपराओं में यह दिन दिवंगत माताओं के श्राद्ध के लिए विशेष माना जाता है। साथ ही नवमी तिथि को जिन पूर्वजों का निधन हुआ था, उनके लिए भी इसी तिथि पर श्राद्ध किया जाता है।

द्वादशी और चतुर्दशी का महत्व


7 अक्टूबर को द्वादशी श्राद्ध होगा। कुछ परंपराओं में इसे संन्यासियों या यतियों के श्राद्ध से भी जोड़ा जाता है। 2026 में इसी दिन मघा श्राद्ध भी पड़ रहा है।

9 अक्टूबर को चतुर्दशी श्राद्ध होगा। धार्मिक परंपराओं में चतुर्दशी श्राद्ध का संबंध अकाल, दुर्घटना या असामान्य परिस्थितियों में हुई मृत्यु से भी जोड़ा जाता है। हालांकि किसी परिवार में ऐसी स्थिति होने पर स्थानीय परंपरा और संबंधित पंचांग के अनुसार विधि तय करना उचित रहता है।

मृत्यु तिथि पता न हो तो क्या करें?

10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या होगी। यह पितृ पक्ष की अंतिम तिथि है। जिन पूर्वजों की मृत्यु की तिथि ज्ञात नहीं है या जिनका श्राद्ध उनकी निर्धारित तिथि पर नहीं हो पाया, उनके लिए सर्वपितृ अमावस्या को श्राद्ध करने की परंपरा है।

इसलिए पितृ पक्ष में सबसे पहले पूर्वज की मृत्यु की हिंदू तिथि पता करना जरूरी है। उसी के आधार पर संबंधित श्राद्ध तिथि चुनी जाती है। अगर तिथि उपलब्ध नहीं है, तो 10 अक्टूबर की सर्वपितृ अमावस्या महत्वपूर्ण विकल्प रहती है।

श्राद्ध और तर्पण के लिए तारीख कैसे तय करें?

पितृ पक्ष की श्राद्ध तिथि मुख्य रूप से मृत्यु तिथि से तय होती है, न कि सप्ताह के वार से। उदाहरण के लिए, किसी पूर्वज का निधन द्वितीया तिथि को हुआ था तो 28 सितंबर 2026 को उनका श्राद्ध होगा। इसी तरह मृत्यु तिथि तृतीया होने पर 29 सितंबर और चतुर्दशी होने पर 9 अक्टूबर को संबंधित श्राद्ध किया जाएगा।

श्राद्ध की वास्तविक विधि और समय स्थानीय पंचांग के अनुसार देखना चाहिए, क्योंकि तिथि के आरंभ और समाप्त होने के समय में स्थान के अनुसार अंतर हो सकता है। 2026 में भी अलग-अलग स्थानों के पंचांगों में तिथि के समय स्थानीय गणना के अनुसार दिए गए हैं।

यह भी पढ़े - पितृ पक्ष 2026: श्राद्ध पक्ष में क्या करें और किन बातों का रखें ध्यान? जानें जरूरी नियम

राज्य
View More

Shorts see more

सिर्फ 10 मिनट का ताड़ासन बदल सकता है आपकी सेहत, जानिए इसके अद्भुत लाभ

सिर्फ 10 मिनट का ताड़ासन बदल सकता है आपकी सेहत, जानिए इसके अद्भुत लाभ

  • खाली पेट देसी घी खाने से पाचन और मेटाबॉलिज्म बेहतर हो सकता है।
  • यह त्वचा में निखार और हड्डियों को मजबूती देने में मददगार माना जाता है।
  • संतुलित मात्रा में घी दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।
read more

ताजा खबरें
View More

इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर की बात, स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता
इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर की बात, स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता
‘वह नमाज पढ़ने उठा था, फिर अचानक मेरे सिर पर वार करने लगा’, स्मित मच्छार ने सुनाई पूरी कहानी
‘वह नमाज पढ़ने उठा था, फिर अचानक मेरे सिर पर वार करने लगा’, स्मित मच्छार ने सुनाई पूरी कहानी
स्मित मच्छार पर हमले के आरोपी को-पायलट की पोस्ट ने उठाए सवाल, महिलाओं को लेकर लिखी थी विवादित बातें
स्मित मच्छार पर हमले के आरोपी को-पायलट की पोस्ट ने उठाए सवाल, महिलाओं को लेकर लिखी थी विवादित बातें
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने आरोपों की फिर जांच, केरल सरकार ने विजिलेंस को सौंपी जांच
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने आरोपों की फिर जांच, केरल सरकार ने विजिलेंस को सौंपी जांच
CJP को बदनाम करने वालों पर अभिजीत दीपके का पलटवार, बोले- बहस में समय गंवाने से बेहतर युवाओं के लिए काम करना
CJP को बदनाम करने वालों पर अभिजीत दीपके का पलटवार, बोले- बहस में समय गंवाने से बेहतर युवाओं के लिए काम करना
351 रन बनाने के बाद भी हार गया भारत, शुभमन गिल ने बताया कहां चूकी टीम
351 रन बनाने के बाद भी हार गया भारत, शुभमन गिल ने बताया कहां चूकी टीम
‘दृश्यम 3’ ने दूसरे दिन भी दिखाया दम, 200 करोड़ के करीब पहुंची अजय देवगन की फिल्म
‘दृश्यम 3’ ने दूसरे दिन भी दिखाया दम, 200 करोड़ के करीब पहुंची अजय देवगन की फिल्म
ममता बनर्जी ने CJP के आंदोलन को दिया समर्थन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन
ममता बनर्जी ने CJP के आंदोलन को दिया समर्थन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन
हिटमैन ने मचाया धमाल, सचिन का रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास
हिटमैन ने मचाया धमाल, सचिन का रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास
एशियन गेम्स 2026: भारत ने हॉकी में फिर लहराया तिरंगा, मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता गोल्ड
एशियन गेम्स 2026: भारत ने हॉकी में फिर लहराया तिरंगा, मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता गोल्ड
रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, तमिलनाडु में 5 पर कार्रवाई, एक बर्खास्त
रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, तमिलनाडु में 5 पर कार्रवाई, एक बर्खास्त
यूपी MLC चुनाव से पहले सपा ने बदले दो उम्मीदवार, आकाश अग्रवाल और संजयन त्रिपाठी को पार्टी में शामिल कर दिया टिकट
यूपी MLC चुनाव से पहले सपा ने बदले दो उम्मीदवार, आकाश अग्रवाल और संजयन त्रिपाठी को पार्टी में शामिल कर दिया टिकट
सलमान खान पर सवाल हुआ तो बदल गया अरबाज खान का अंदाज, मीडिया के सामने यूं जताई नाराजगी
सलमान खान पर सवाल हुआ तो बदल गया अरबाज खान का अंदाज, मीडिया के सामने यूं जताई नाराजगी
ऊपरी होंठ पर बाल आना सामान्य या किसी बीमारी का संकेत? जानें कब सावधान होने की जरूरत
ऊपरी होंठ पर बाल आना सामान्य या किसी बीमारी का संकेत? जानें कब सावधान होने की जरूरत