वॉशिंगटन के प्रतिष्ठित हिल्टन होटल में आयोजित व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब अचानक गोलियों की आवाज गूंज उठी। शनिवार रात करीब 8:30 बजे (स्थानीय समय) हुई इस घटना ने पूरे कार्यक्रम को दहशत में बदल दिया। समारोह में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनके कैबिनेट के कई सदस्य मौजूद थे। अचानक हुई फायरिंग के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए ट्रंप को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। गनीमत रही कि इस घटना में राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी तरह की चोट की सूचना नहीं है।
इस सनसनीखेज घटना के दौरान होटल के भीतर क्या हुआ, इसका आंखों देखा हाल एएनआई की पत्रकार रीना भारद्वाज ने साझा किया। वह भी इस डिनर कार्यक्रम में मौजूद थीं और घटना के तुरंत बाद उन्होंने मौके से एक वीडियो बनाकर अपने अनुभव बताए। उनके मुताबिक, सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन कुछ ही पलों में माहौल पूरी तरह बदल गया।
रीना भारद्वाज ने बताया, “कुछ ही मिनट पहले बॉलरूम में अचानक अफरा-तफरी मच गई। सबसे पहले मुझे एक तेज आवाज सुनाई दी। शुरुआत में लगा कि शायद यह बर्तनों के गिरने या खड़कने की आवाज है, लेकिन कुछ ही सेकंड में स्थिति साफ हो गई।” उन्होंने आगे कहा कि अचानक वेटर अपनी ट्रे लेकर भागते नजर आए और सभी लोग सुरक्षित जगह तलाशने लगे।
उन्होंने बताया कि हालात इतने तेजी से बिगड़े कि मेहमानों को समझ ही नहीं आया कि क्या हो रहा है। “देखते ही देखते सभी लोग अपनी-अपनी मेजों के नीचे छिपने लगे। माहौल में डर और अनिश्चितता साफ महसूस की जा सकती थी। जब थोड़ी देर बाद मैंने ऊपर देखा, तो मंच के पास सुरक्षाकर्मी लंबी बंदूकों के साथ तैनात दिखाई दिए,” उन्होंने कहा।
घटना के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने बेहद तेजी से कार्रवाई की। राष्ट्रपति ट्रंप को पहले ही सुरक्षित बाहर ले जाया जा चुका था। इसके बाद एक-एक कर उनके कैबिनेट के सदस्यों को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। रीना भारद्वाज के अनुसार, “ट्रंप के साथ मौजूद कैबिनेट के सदस्य—जैसे स्कॉट बेसेंट, काश पटेल, पीट हेगसेथ और विटकॉफ—सभी को व्यवस्थित तरीके से बाहर निकाला गया।”
कार्यक्रम आयोजकों की ओर से कुछ समय बाद यह घोषणा की गई कि हालात सामान्य होने पर डिनर को दोबारा शुरू करने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, एसोसिएशन की तरफ से उस समय तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर उच्च सुरक्षा वाले आयोजनों में भी खतरे की संभावना को उजागर कर दिया है और सुरक्षा इंतजामों को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।