देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसके असर से मौसम का मिजाज लगातार बदलता नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक मॉनसून की उत्तरी सीमा फिलहाल हरनाई, सोलापुर, कलबुर्गी, नंद्याल, चेन्नई और सिलिगुड़ी से होकर गुजर रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले चार से पांच दिनों के दौरान महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के शेष हिस्सों, पूरे तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल के कुछ अन्य क्षेत्रों के अलावा बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भी मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।
मॉनसून की सक्रियता के चलते दक्षिण और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है। वहीं उत्तर भारत के लोगों को भीषण गर्मी और लू से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में कई राज्यों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
उत्तर भारत में मौसम लेगा बड़ा यू-टर्नमौसम विभाग के अनुसार 11 और 12 जून को उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में मौसम अचानक करवट ले सकता है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में इन दो दिनों के दौरान 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद 13 से 16 जून तक भी कई स्थानों पर धूल भरी हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
उत्तर प्रदेश में भी मौसम पूरी तरह बदलने के संकेत मिल रहे हैं। राजधानी लखनऊ समेत राज्य के अधिकांश जिलों में 10 से 16 जून के बीच बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। खासकर 12 जून को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।
राजस्थान और पहाड़ी राज्यों में भी असरराजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मौसम विभाग ने 11 से 13 जून के बीच तेज धूलभरी आंधी और खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। जयपुर सहित कई शहरों में धूल का गुबार छाने की संभावना है। वहीं 14 से 16 जून के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश की बौछारें पड़ सकती हैं।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में भी 11 और 12 जून को व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही इन राज्यों के कई क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है, जिससे स्थानीय लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मुंबई में मॉनसून की दस्तक, मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि की संभावनामुंबई, कोंकण और गोवा क्षेत्र में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मौसम विभाग के अनुसार 10 और 11 जून को इन इलाकों में भारी बारिश के साथ लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के क्षेत्रों में भी 12 जून तक गरज-चमक के साथ बारिश का दौर बना रहने की संभावना है।
वहीं मध्य प्रदेश में भी मौसम तेजी से बदलने वाला है। भोपाल, इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में 12 जून को ओलावृष्टि हो सकती है। साथ ही 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी जारी की गई है। छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी 11 और 12 जून को तेज तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
दक्षिण भारत में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनीदक्षिण भारत के कई राज्यों में मॉनसून का प्रभाव और अधिक मजबूत होता दिखाई दे रहा है। तटीय कर्नाटक में 10 जून को अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। वहीं बेंगलुरु और आंतरिक कर्नाटक के अन्य हिस्सों में 10 से 12 जून के बीच लगातार बारिश और तेज हवाओं का दौर बना रह सकता है।
केरल, माहे और तमिलनाडु के कई जिलों में भी मौसम विभाग ने भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। दूसरी ओर हैदराबाद सहित तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में 10 से 13 जून के बीच गरज-चमक के साथ तेज अंधड़ चलने की संभावना है। कई स्थानों पर हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेलंगाना में कुछ इलाकों में भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है।
पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ का खतरा बढ़ापूर्वोत्तर भारत में बारिश का सिलसिला अगले सात दिनों तक जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 10 से 14 जून के बीच अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लगातार हो रही वर्षा के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा पैदा हो सकता है।
इसके अलावा कोलकाता सहित गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 10 और 11 जून को तेज आंधी और बारिश का पूर्वानुमान है। बिहार और झारखंड में 11 और 12 जून को 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने के साथ तेज बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बिहार के कई हिस्सों में 12 जून तक लगातार बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी लेकिन कुछ क्षेत्रों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है।