अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर हालात तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। ऐसे समय में, जब एक आम अमेरिकी परिवार भी अपनी छुट्टियां प्लान कर रहा होता है या काम के सिलसिले में यात्रा की तैयारी कर रहा होता है, तब ट्रंप प्रशासन की चेतावनी किसी झटके से कम नहीं। अमेरिका ने अब अपने नागरिकों को ईरान नहीं जाने की सख्त सलाह दी है। इस एडवाइजरी के पीछे छिपी चिंता को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
अमेरिकी विदेश विभाग के वाणिज्य दूतावास कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक गंभीर संदेश पोस्ट करते हुए लिखा, अमेरिकी नागरिकों को किसी भी कारणवश ईरान की यात्रा नहीं करनी चाहिए। इस चेतावनी के साथ उन्होंने वो डर भी सामने रखा जो हर उस परिवार के मन में होना चाहिए जिसका कोई अपना विदेश में है। उन्होंने बताया कि ईरान में अमेरिकी नागरिकों को बिना किसी चेतावनी, बिना किसी अपराध के प्रमाण के अगवा किया गया, झूठे आरोप लगाए गए और यहां तक कि उन्हें मौत की सज़ा भी सुनाई गई है।
इस डर को और पुख्ता करते हुए, विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि यूएस-ईरानी दोहरी नागरिकता रखने वाले लोग भी इन हमलों का शिकार हो रहे हैं। कुछ मामलों में तो निर्दोषों को सालों तक कैद में रखा गया और मानसिक यातनाएं दी गईं — एक माँ की ममता, एक बच्चे की मुस्कान, और एक परिवार का भरोसा सब कुछ इन दीवारों के पीछे खो गया।
ट्रंप प्रशासन की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने एक भावुक अपील करते हुए कहा, ईरानी शासन दोहरी नागरिकता को मान्यता नहीं देता और हिरासत में लिए गए अमेरिकियों को नियमित रूप से कांसुलर मदद देने से मना करता है। उन्होंने साफ कहा कि भले ही बमबारी रुक गई हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि अब ईरान यात्रा के लिए सुरक्षित हो गया है।
उन्होंने बताया कि अब अमेरिकी सरकार एक नई वेबसाइट भी लॉन्च कर रही है ताकि लोगों को बेहतर और स्पष्ट जानकारी मिल सके। हम अमेरिकियों को सावधान करने के लिए एक बहुभाषी पोर्टल लेकर आ रहे हैं, उन्होंने कहा, जिससे हर परिवार अपने फैसले को बेहतर बना सके।
अंत में, टैमी ब्रूस ने दोहराया, हम यह बात बार-बार कहते हैं — ईरान मत जाइए। खासतौर पर अगर आप दोहरी नागरिकता रखते हैं या ईरानी मूल के हैं। यह यात्रा किसी के लिए भी सुरक्षित नहीं है। इस चेतावनी में सिर्फ शब्द नहीं, एक मां-बाप की चिंता, एक भाई की दुआ और एक पत्नी का इंतज़ार भी शामिल है।