'क्या रूस ईरान की मदद कर रहा है?' जेलेंस्की के आरोप पर ट्रंप बोले- पुतिन से खुद...

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की द्वारा रूस पर लगाए गए गंभीर आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। जेलेंस्की ने दावा किया था कि रूस, अमेरिका के खिलाफ ईरान की सैन्य गतिविधियों में सहयोग कर रहा है। इस पर ट्रंप ने कहा कि वह इस पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए सीधे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात करेंगे।

जेलेंस्की ने शनिवार को आरोप लगाया था कि मॉस्को ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों और खाड़ी देशों में मौजूद रणनीतिक ठिकानों से जुड़ी उपग्रह खुफिया जानकारी उपलब्ध करा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि रूस अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए करीब 30 हजार उत्तर कोरियाई सैनिकों को शामिल करने की तैयारी कर रहा है।

ट्रंप बोले- ईरान को पहले ही करारी हार मिल चुकी


एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान को पहले ही बुरी तरह पराजित कर दिया है। उन्होंने कहा कि यदि रूस किसी भी स्तर पर ईरान की मदद कर रहा है, तब भी उसका कोई खास प्रभाव दिखाई नहीं देता।

ट्रंप ने कहा, हम पता लगाएंगे कि यह सच है या नहीं। मैं इस बारे में पुतिन से पूछूंगा। उसके बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

उन्होंने आगे कहा कि अगर रूस की ओर से कोई सहयोग मिल भी रहा है, तो वह ईरान के लिए प्रभावी साबित नहीं हुआ है। उनके मुताबिक ईरान की सैन्य क्षमता पहले जैसी नहीं रही और उसकी ताकत काफी कमजोर हो चुकी है।

ट्रंप ने कहा, संभव है कि वे किसी तरह का समर्थन दे रहे हों, लेकिन यदि ऐसा है भी तो उसका कोई असर नहीं दिखा। ईरान के पास न पहले जैसी सेना बची है, न मजबूत वायुसेना और न ही प्रभावी नौसेना। उनकी सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है।
रूसी समर्थन को बताया बेअसर

रूस की संभावित सैन्य सहायता पर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने वेनेजुएला का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि रूस ने वेनेजुएला को बड़ी मात्रा में आधुनिक सैन्य उपकरण उपलब्ध कराए थे, लेकिन उससे भी कोई उल्लेखनीय परिणाम नहीं निकला।

ट्रंप ने कहा, रूस ने वेनेजुएला को काफी सैन्य उपकरण दिए थे। उनके पास लगभग पूरा रूसी रक्षा सिस्टम मौजूद था, लेकिन आखिर उसका नतीजा क्या निकला? कुछ खास नहीं।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि रूस शीर्ष स्तर पर ईरान की सीधी मदद कर रहा है। हालांकि अगर किसी स्तर पर ऐसा हुआ भी है, तो उसका युद्ध की स्थिति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।

जेलेंस्की ने लगाए थे गंभीर आरोप

इससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया था कि यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और खाड़ी देशों के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर रूस की सक्रिय उपग्रह निगरानी का पता लगाया है। उनके अनुसार यह संवेदनशील जानकारी बाद में ईरान तक पहुंचाई जा रही है।

जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने अपनी खुफिया एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि रूस द्वारा ईरान को दी जा रही कथित नई सहायता से जुड़ी सभी जानकारियां अमेरिका और अन्य सहयोगी देशों के साथ साझा की जाएं।

उन्होंने दावा किया कि जुलाई की शुरुआत से रूस ने खाड़ी क्षेत्र और वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की लगातार उपग्रह निगरानी की है और इन तस्वीरों को बाद में ईरान तक पहुंचाया गया।

चार अहम हवाई अड्डों पर रखी गई थी नजर

यूक्रेनी राष्ट्रपति के अनुसार, 19 और 20 जुलाई को रूसी उपग्रहों ने खाड़ी क्षेत्र के चार महत्वपूर्ण हवाई अड्डों की विशेष निगरानी की थी। इनमें दो हवाई अड्डे बहरीन, एक जॉर्डन और एक कुवैत में स्थित थे।

जेलेंस्की का कहना है कि यह गतिविधियां सामान्य निगरानी का हिस्सा नहीं थीं, बल्कि संवेदनशील सैन्य सूचनाएं जुटाने की एक सुनियोजित प्रक्रिया थीं। हालांकि रूस ने अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जबकि ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह इस पूरे मामले पर सीधे राष्ट्रपति पुतिन से बातचीत कर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश करेंगे।