'दुख की इस घड़ी में ईरान के साथ खड़ा है पाकिस्तान', खामेनेई के निधन पर बोले शहबाज शरीफ

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान पर हुए ताजा हमले और उसके बाद सामने आई घटनाओं को लेकर अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्होंने इसे पूरे क्षेत्र के लिए अत्यंत दुखद क्षण बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने संदेश में शरीफ ने लिखा कि पाकिस्तान की सरकार और वहां की जनता इस कठिन समय में ईरान के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने खामेनेई की शहादत पर संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि यह क्षति न केवल ईरान बल्कि समूचे मुस्लिम जगत के लिए बड़ी त्रासदी है।

प्रधानमंत्री शरीफ ने अपने बयान में अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन को लेकर भी गंभीर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाना वैश्विक परंपराओं और कूटनीतिक मर्यादाओं के विपरीत है। उनके मुताबिक, राष्ट्राध्यक्षों या सरकार प्रमुखों पर सीधे हमले की प्रवृत्ति विश्व शांति के लिए खतरनाक संकेत है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि अल्लाह ईरान की जनता को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति और धैर्य प्रदान करे।
खामेनेई के निधन की खबर सामने आते ही पाकिस्तान के कई शहरों में आक्रोश और शोक का माहौल देखने को मिला। विशेष रूप से कराची में स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जहां कुछ प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर विरोध जताया। हालात उस समय बिगड़ गए जब भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयासों के दौरान झड़प और गोलीबारी की घटनाएं सामने आईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हिंसा में 22 पाकिस्तानी नागरिकों की मौत हो गई, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील बन गई।

बताया जा रहा है कि 86 वर्षीय खामेनेई की मृत्यु अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त हवाई हमलों में हुई। ये हमले शनिवार को तेहरान सहित ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर बड़े पैमाने पर अंजाम दिए गए थे। इन हमलों को हाल के वर्षों की सबसे व्यापक सैन्य कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है, जिसने पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता की आशंका बढ़ा दी है।

ईरान में खामेनेई के निधन के बाद व्यापक शोक की लहर फैल गई है। सरकार ने 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इस घटना को घोर अपराध करार देते हुए कड़ी प्रतिक्रिया देने का संकेत दिया है। राजधानी तेहरान की सड़कों पर हजारों लोग काले कपड़ों में दिखाई दिए, कई स्थानों पर मातम और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। कुछ इलाकों में विरोध प्रदर्शन भी हुए, जहां अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगाए गए।

इस पूरी घटना ने न केवल ईरान और पाकिस्तान बल्कि वैश्विक समुदाय को भी चिंता में डाल दिया है। क्षेत्रीय स्थिरता, अंतरराष्ट्रीय कानून और कूटनीतिक संबंधों पर इसके दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं। फिलहाल दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में बढ़ते हैं और क्या कूटनीतिक प्रयास तनाव को कम करने में सफल हो पाएंगे।