पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता को लेकर चर्चाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं। हर रोज़ सत्ता परिवर्तन की संभावनाओं पर नई अटकलें लगाई जाती हैं, जिससे वहां की आम जनता भी असमंजस में जी रही है। ऐसे माहौल में जब भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव ने नई ऊंचाइयों को छुआ, तब एक और चिंताजनक सवाल उठ खड़ा हुआ – क्या ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान भारत पर परमाणु हमला करने की तैयारी में था? इस संवेदनशील सवाल पर अब खुद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्थिति साफ की है। उन्होंने भरोसे के साथ कहा है कि पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम हमले के लिए नहीं, बल्कि आत्मरक्षा और देश की सुरक्षा के लिए है।
शनिवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तानी छात्रों के एक समूह को संबोधित करते हुए शरीफ ने कहा, हमारा परमाणु कार्यक्रम हमारी संप्रभुता की सुरक्षा का प्रतीक है, न कि युद्ध का औजार। उन्होंने हाल में हुए चार दिन तक चले सैन्य तनाव का ज़िक्र करते हुए यह भी कहा कि भारतीय हमलों में 55 पाकिस्तानी नागरिकों की मौत हुई, जो हमारे लिए बहुत ही पीड़ादायक क्षण था। लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि पाकिस्तान ने हर मोर्चे पर मजबूती से जवाब दिया।
भारत ने लॉन्च किया था ऑपरेशन सिंदूरइस बयान की पृष्ठभूमि उस सैन्य कार्रवाई से जुड़ी है, जो भारत ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की थी। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सेना ने 7 मई 2025 को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था।
इस हमले में जैश-ए-मोहम्मद के गढ़ बहावलपुर समेत कई ऐसे ठिकाने शामिल थे जो लंबे समय से भारत की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए थे। गौरतलब है कि पहलगाम में हुए उस आतंकी हमले में 26 मासूम नागरिक मारे गए थे, जिनकी पीड़ा पूरे देश ने महसूस की थी।
सेना प्रमुख आसिम मुनीर को राष्ट्रपति बनाने की अटकलों पर विरामइसी बीच एक और चर्चा ने पाकिस्तान के सियासी माहौल में हलचल मचा दी थी—क्या फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को राष्ट्रपति बनाया जा रहा है? लेकिन इस पर भी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पूरी पारदर्शिता से स्थिति स्पष्ट की।
शरीफ ने The News से बातचीत में कहा, “आसिम मुनीर कभी राष्ट्रपति बनने की इच्छा नहीं जताई है और न ही ऐसा कोई प्लान हमारे बीच है।” उन्होंने यह भी बताया कि उनके, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और सेना प्रमुख मुनीर के बीच गहरा भरोसा और आपसी सम्मान का रिश्ता है, जो किसी भी तरह की साजिश या फूट से ऊपर है।
दुष्प्रचार के पीछे विदेशी साजिश का दावाइस पूरे घटनाक्रम पर पाकिस्तान के गृह मंत्री मोसिन नकवी भी सामने आए। उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए इस दुष्प्रचार अभियान की निंदा की और आरोप लगाया कि यह विदेशी दुश्मन एजेंसियों की साज़िश है। नकवी ने कहा, “हमें अच्छे से पता है कि इन झूठी कहानियों के पीछे कौन लोग हैं। वे चाहे जितना जोर लगा लें, लेकिन पाकिस्तान को मज़बूत करने की हमारी कोशिशें जारी रहेंगी, इंशाअल्लाह।”
उन्होंने भरोसा जताया कि चाहे हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, पाकिस्तान अपने लोकतांत्रिक ढांचे और राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर नहीं होने देगा। गौरतलब है कि फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को 2022 में तीन वर्षों के लिए सेना प्रमुख नियुक्त किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर पांच साल कर दिया गया।