एक थाली, एक चादर और नया कैदी नंबर, ट्विशा केस में गिरिबाला और समर्थ की जेल में पहली रात

मॉडल और पूर्व अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत से जुड़े बहुचर्चित मामले में न्यायिक हिरासत के बाद आरोपी सास और सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह तथा उनके बेटे समर्थ सिंह को भोपाल सेंट्रल जेल में दाखिल कर लिया गया है। जेल में प्रवेश के साथ ही दोनों को कैदी संख्या आवंटित कर दी गई है। गिरिबाला सिंह को कैदी नंबर 71 दिया गया है, जबकि समर्थ सिंह अब जेल रिकॉर्ड में कैदी नंबर 1782 के रूप में दर्ज किए गए हैं।

मामले की संवेदनशीलता और गिरिबाला सिंह के पूर्व न्यायिक पद को ध्यान में रखते हुए जेल प्रशासन ने दोनों आरोपियों को विशेष निगरानी में रखने का फैसला किया है। सुरक्षा कारणों से मां-बेटे को अलग-अलग बैरकों में रखा गया है और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

महिला मेडिकल बैरक में रखी गईं गिरिबाला सिंह

जेल सूत्रों के अनुसार गिरिबाला सिंह को महिला बैरक के मेडिकल सेक्शन में रखा गया है। इसी बैरक में उनके साथ चार अन्य महिला बंदी भी मौजूद हैं। जेल में दाखिले की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें आमद नंबर 71 प्रदान किया गया।

अधिकारियों का कहना है कि जेल नियमावली के तहत सभी कैदियों के साथ समान प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसी क्रम में गिरिबाला सिंह को भी जेल प्रशासन द्वारा आवश्यक दैनिक उपयोग की सामग्री उपलब्ध कराई गई है।

समर्थ सिंह को बैरक नंबर चार में मिली जगह

दूसरी ओर, ट्विशा शर्मा के पति और मामले के सह-आरोपी समर्थ सिंह को केंद्रीय जेल की बैरक नंबर 4 के ‘बी’ खंड में रखा गया है। इस बैरक में पहले से करीब 15 अन्य बंदी मौजूद हैं। जेल प्रशासन ने समर्थ की निगरानी के लिए भी विशेष व्यवस्था की है।

सूत्रों के मुताबिक, जेल में प्रवेश के समय समर्थ को भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत पहचान संख्या 1782 आवंटित की गई। इसके अलावा उन्हें रहने और भोजन संबंधी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई है।
जेल नियमों के तहत मिली बुनियादी सुविधाएं

जेल प्रशासन ने बताया कि दोनों आरोपियों को अन्य बंदियों की तरह एक-एक थाली, कटोरी और चादर उपलब्ध कराई गई है। जेल नियमों के अनुसार न्यायिक हिरासत में भेजे गए प्रत्येक बंदी को प्रारंभिक आवश्यक वस्तुएं प्रदान की जाती हैं, ताकि उन्हें निर्धारित सुविधाएं मिल सकें।

अधिकारियों का कहना है कि मामले की हाई-प्रोफाइल प्रकृति के बावजूद जेल के भीतर सभी बंदियों के लिए एक समान नियम लागू किए जाते हैं।

सीबीआई अदालत ने भेजा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में


इससे पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत ने गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। अदालत ने दोनों को 16 जून तक भोपाल सेंट्रल जेल में रखने के निर्देश दिए हैं।

सीबीआई की ओर से अदालत में पेश आवेदन में कहा गया कि मामले की जांच अभी जारी है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर काम किया जाना बाकी है। ऐसे में आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजना आवश्यक था।

अदालत में भावुक नजर आईं गिरिबाला सिंह

मंगलवार को अदालत परिसर में उस समय भावुक माहौल देखने को मिला जब पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह अपने बेटे समर्थ सिंह के साथ न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश हुईं। सुनवाई के दौरान उन्होंने भावुक अंदाज में अपनी बात रखने की कोशिश की।

अदालत में मौजूद लोगों के अनुसार, कार्यवाही के दौरान मां-बेटे दोनों गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति में दिखाई दिए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई थी।

पूछताछ पूरी होने के बाद कोर्ट में पेश किए गए आरोपी

सीबीआई ने विस्तृत पूछताछ और प्रारंभिक जांच के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। एजेंसी का कहना है कि मामले से जुड़े कई अहम साक्ष्यों की अभी जांच जारी है।

जांच एजेंसी के अनुसार जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक रिपोर्ट और दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इन रिपोर्टों के आधार पर जांच की दिशा और अधिक स्पष्ट हो सकती है।

ट्विशा शर्मा की मौत ने खड़े किए कई सवाल

गौरतलब है कि 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फांसी के फंदे से लटकी हुई मिली थीं। घटना के बाद यह मामला तेजी से सुर्खियों में आया और निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी।

बाद में सीबीआई ने मामले की जांच अपने हाथ में लेते हुए नई एफआईआर दर्ज की। जांच एजेंसी ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को मुख्य आरोपी के रूप में नामजद किया। अब दोनों न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है।