भूकंप के बीच कांपती इमारत, हिलते ऑपरेशन थिएटर में चलती रही सर्जरी, 8.8 तीव्रता के झटकों के बीच डॉक्टरों ने किया कमाल; Video

जरा सोचिए, जब पूरी धरती कांप रही हो, दीवारें डगमगा रही हों, खिड़कियां चरमरा रही हों और अस्पताल की इमारत हिल रही हो, तो क्या ऐसे माहौल में कोई डॉक्टर ऑपरेशन करने की हिम्मत जुटा सकता है? सामान्यत: इसका उत्तर 'ना' ही होगा। लेकिन रूस के कमचटका प्रांत में कुछ बहादुर डॉक्टरों ने इस असंभव को भी संभव कर दिखाया।

बुधवार, 30 जुलाई 2025 को, कमचटका में जब 8.8 तीव्रता का भूकंप आया, उस वक्त अस्पताल के एक ऑपरेशन थिएटर में मरीज की सर्जरी जारी थी। इमारत हिल रही थी, उपकरण कांप रहे थे और बेड भी डोल रहा था, मगर डॉक्टरों की टीम ने बिना घबराए, पूरे संयम और साहस के साथ ऑपरेशन पूरा किया। अच्छी खबर यह है कि न केवल सर्जरी सफल रही, बल्कि मरीज भी अब पूरी तरह से स्वस्थ है।

वायरल हुआ अस्पताल का सीसीटीवी फुटेज

सोशल मीडिया पर भूकंप के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें से एक खास सीसीटीवी फुटेज ने सबका ध्यान खींचा है। यह वीडियो अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर का है, जिसमें डॉक्टर्स की टीम आपसी सहयोग और आत्मविश्वास के साथ कांपते फर्श पर खड़े होकर सर्जरी कर रही है।

जैसे ही भूकंप के झटके शुरू हुए, ऑपरेशन कर रही टीम के सदस्य एक-दूसरे का हाथ थामकर खुद को संतुलित करने की कोशिश करते दिखे। साथ ही, उन्होंने ऑपरेशन टेबल को भी मजबूती से थामे रखा, ताकि मरीज को कोई नुकसान न हो। यह पल न केवल उनके पेशेवर समर्पण का परिचायक है, बल्कि मानवता के लिए प्रेरणास्रोत भी।

स्वास्थ्य मंत्रालय की पुष्टि: मरीज पूरी तरह सुरक्षित

रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस असाधारण घटना की पुष्टि करते हुए जानकारी दी है कि मरीज की स्थिति बिल्कुल स्थिर है और वह सुरक्षित है। सर्जरी के बाद किसी भी प्रकार की जटिलता नहीं पाई गई है।

यह घटना साबित करती है कि जब समर्पण, दक्षता और साहस एक साथ मिलते हैं, तब किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है—even if the ground is literally shaking under your feet.

भूकंप के बाद सुनामी का खतरा, प्रशांत देशों में अलर्ट

कमचटका में आए इस शक्तिशाली भूकंप ने न सिर्फ रूस को बल्कि दुनिया के कई हिस्सों को भी सतर्क कर दिया। झटकों के बाद समुद्र में उठती सुनामी की लहरों ने रूस के तटीय इलाकों में तबाही मचाई। घरों, इमारतों और वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा।

इस विनाशकारी भूकंप के बाद प्रशांत महासागर के कई देशों—जैसे जापान, अमेरिका (हवाई और अलास्का), चीन, पेरू, इक्वाडोर, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड—के तटवर्ती इलाकों के लिए तत्काल सुनामी अलर्ट जारी किया गया।

भूकंप का केंद्र और प्रभाव

यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र रूस के पेट्रोपाव्लोव्स्क-कामचत्स्की शहर से करीब 119 किलोमीटर दूर स्थित था। यह शहर लगभग 1.8 लाख की आबादी वाला है और भूकंप के झटकों से यहां व्यापक असर देखने को मिला।

कमचटका में हुई यह घटना हमें यह याद दिलाती है कि आपदा की घड़ी में इंसानी हिम्मत और कर्तव्यनिष्ठा कैसे चमत्कार कर सकती है। जब पूरी दुनिया डगमगा रही थी, तब कुछ डॉक्टर अपने कर्तव्य पर अडिग खड़े थे—जिन्होंने न केवल एक जान बचाई, बल्कि पूरी मानवता के सामने एक मिसाल पेश की।