बांग्लादेश में नए युग की शुरुआत, तारिक रहमान लेंगे प्रधानमंत्री की शपथ, भारत की ओर से ओम बिरला होंगे शामिल

ढाका: आज बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के उत्तराधिकारी, 60 वर्षीय तारिक रहमान, देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। हाल ही में संपन्न आम चुनाव में उनकी पार्टी को शानदार जीत मिली, जिसके बाद वे सत्ता की बागडोर संभालने जा रहे हैं।

शपथ ग्रहण समारोह में होगा बदलाव

इस बार बांग्लादेश में शपथ ग्रहण समारोह में एक नई परंपरा देखने को मिलेगी। लंबे समय से राष्ट्रपति भवन 'बंगभवन' में आयोजित होने वाली इस रस्म को बदलते हुए इस बार संसद परिसर के साउथ प्लाजा में आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन आज दोपहर कैबिनेट के सभी सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।

कार्यक्रम का समय और प्रक्रिया

सूत्रों के अनुसार, सुबह 10:00 बजे सांसदों का शपथ ग्रहण होगा। इसके तुरंत बाद, 11:30 बजे बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की बैठक में संसदीय दल के नेता के चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मुख्य कैबिनेट का शपथ ग्रहण समारोह शाम 4:00 बजे से शुरू होगा।

ओम बिरला और भारतीय प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति

इस ऐतिहासिक मौके पर कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि और वैश्विक हस्तियां शामिल होने की संभावना है। भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिस्री और लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह भी शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित रह सकते हैं।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और चुनाव का परिदृश्य

अगस्त 2024 में शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश में अस्थिरता का दौर शुरू हुआ था। इसके बाद 12 फरवरी को 13वें संसदीय चुनाव संपन्न हुआ, जिसमें 59.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इस चुनाव में अवामी लीग को भाग लेने से रोका गया। परिणामस्वरूप, तारिक रहमान की BNP ने 297 सीटों में से 209 सीटें जीत लीं, जबकि दक्षिणपंथी जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें प्राप्त हुईं।

एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत

1991 के बाद तारिक रहमान बांग्लादेश के पहले पुरुष प्रधानमंत्री बनेंगे। पिछले तीन दशकों में सत्ता हमेशा बेगम खालिदा जिया और शेख हसीना के हाथ में रही है। वे अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस की जगह लेंगे, जिनके कार्यकाल में भारत और बांग्लादेश के संबंधों में कई उतार-चढ़ाव आए। अब दुनिया की निगाहें तारिक रहमान की विदेश नीति पर टिकी हैं, खासकर भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के प्रयासों पर।