शेयर बाजार में भारी बिकवाली, सेंसेक्स 1470 और निफ्टी 488 अंक टूटकर बंद

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भी बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली और प्रमुख सूचकांक भारी नुकसान के साथ बंद हुए। लगातार तीसरे दिन आई इस तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है।

शुक्रवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 1470.50 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। लगभग 1.93 प्रतिशत फिसलकर सेंसेक्स 74,563.92 के स्तर पर आकर थम गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 भी दबाव में रहा और 488.05 अंक यानी करीब 2.06 प्रतिशत गिरकर 23,151.10 पर बंद हुआ। इससे पहले गुरुवार को भी बाजार में कमजोरी का माहौल रहा था, जब सेंसेक्स 829.29 अंक यानी 1.08 प्रतिशत टूटकर 76,034.42 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 227.70 अंक यानी 0.95 प्रतिशत गिरकर 23,639.15 के स्तर पर आ गया था।

शुक्रवार को बाजार में गिरावट का दायरा काफी व्यापक रहा। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से केवल 2 शेयर ही बढ़त के साथ बंद हो पाए, जबकि बाकी 28 कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह निफ्टी 50 के 50 शेयरों में से महज 3 शेयर ही हरे निशान में बंद हुए, जबकि 47 कंपनियों के शेयर लाल निशान में फिसलते नजर आए। यह स्थिति बाजार में व्यापक बिकवाली का संकेत दे रही है।

दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स की कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर का शेयर सबसे ज्यादा 1.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं भारती एयरटेल के शेयर में भी मामूली तेजी रही और यह 0.33 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। इसके विपरीत लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली और यह करीब 7.52 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा।
इसके अलावा सेंसेक्स की अन्य प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भी भारी दबाव देखा गया। टाटा स्टील के शेयर 5.20 प्रतिशत टूटकर बंद हुए, जबकि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में 3.55 प्रतिशत की गिरावट आई। बीईएल और मारुति सुजुकी के शेयरों में भी लगभग 3.12 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। अल्ट्राटेक सीमेंट में 3.07 प्रतिशत, एक्सिस बैंक में 2.96 प्रतिशत और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 2.69 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

तकनीकी और बैंकिंग सेक्टर के कई दिग्गज शेयर भी दबाव में रहे। एचसीएल टेक के शेयर 2.43 प्रतिशत और एटरनल 2.37 प्रतिशत नीचे बंद हुए। कोटक महिंद्रा बैंक में 2.30 प्रतिशत और इंडिगो में 2.25 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं अडाणी पोर्ट्स 1.99 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक 1.86 प्रतिशत और बजाज फिनसर्व 1.82 प्रतिशत टूटकर बंद हुए।

ऊर्जा और आईटी सेक्टर की कंपनियां भी इस गिरावट से अछूती नहीं रहीं। एनटीपीसी के शेयर 1.57 प्रतिशत, इन्फोसिस 1.37 प्रतिशत और सन फार्मा 1.34 प्रतिशत नीचे बंद हुए। इसके अलावा टीसीएस 1.33 प्रतिशत और टेक महिंद्रा 1.27 प्रतिशत गिरकर बंद हुए। कंज्यूमर और अन्य सेक्टर की कंपनियों में ट्रेंट, एशियन पेंट्स और टाइटन के शेयरों में करीब 1.14 से 1.18 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।

इसके साथ ही पावर ग्रिड में 0.99 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस में 0.98 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक में 0.93 प्रतिशत और रिलायंस इंडस्ट्रीज में 0.81 प्रतिशत की कमजोरी देखने को मिली। आईटीसी के शेयर भी 0.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। कुल मिलाकर, शुक्रवार का कारोबार भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद कमजोर रहा और निवेशकों की धारणा पर नकारात्मक असर डाल गया।