राजस्थान के बालोतरा जिले के औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर एक बेहद दुखद घटना सामने आई। एक कपड़ा फैक्ट्री में स्लज टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस बनने से तीन मजदूरों की जान चली गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और फैक्ट्री में काम कर रहे अन्य श्रमिकों के बीच डर और दहशत का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि घटना अचानक हुई, जिससे किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। जब मजदूरों के बेहोश होने की खबर फैली तो फैक्ट्री में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल उन्हें बचाने के प्रयास शुरू किए गए।
टैंक की सफाई करते समय हुआ हादसामिली जानकारी के अनुसार बालोतरा औद्योगिक क्षेत्र के चौथे चरण में स्थित लालजी इंडस्ट्रीज नामक कपड़ा फैक्ट्री में करीब दोपहर 12:30 बजे तीन मजदूर केमिकल स्लज टैंक की सफाई में लगे हुए थे। इसी दौरान अचानक टैंक के भीतर जहरीली गैस बन गई।
गैस के प्रभाव से तीनों मजदूर कुछ ही क्षणों में बेहोश होकर टैंक के अंदर ही गिर पड़े। वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों ने जब यह स्थिति देखी तो तुरंत उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की और फैक्ट्री प्रबंधन को घटना की सूचना दी।
इसके बाद तुरंत एंबुलेंस बुलाकर तीनों मजदूरों को इलाज के लिए बालोतरा के Nahata Government Hospital ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उनका उपचार शुरू किया।
अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौतअस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने तीनों मजदूरों की हालत बेहद गंभीर पाई। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान तीनों ने दम तोड़ दिया।
घटना की खबर फैलते ही अस्पताल में भीड़ जुटने लगी और माहौल बेहद भावुक हो गया। मृतकों के परिजन भी अस्पताल पहुंचे, जहां अपने प्रियजनों की मौत की खबर सुनकर उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
मृतकों की पहचान हुईइस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले तीनों मजदूरों की पहचान कर ली गई है। मृतकों में श्रवण (32) पुत्र मन्छाराम सांसी निवासी बालोतरा, गुमनाराम (25) पुत्र रमेश सांसी निवासी बालोतरा और विशंभर तिवारी (54) पुत्र चुदरी निवासी बालोतरा शामिल हैं।
तीनों मजदूर लंबे समय से फैक्ट्री में काम कर रहे थे। अचानक हुई इस घटना से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
प्रशासन और पुलिस ने शुरू की जांचघटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी सक्रिय हो गए। मौके पर एसडीएम Ashok Vishnoi और डीएसपी Anil Purohit अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। बाद में अधिकारियों ने फैक्ट्री पहुंचकर हादसे के स्थान का निरीक्षण भी किया।
एसडीएम Ashok Vishnoi ने बताया कि प्रारंभिक जांच में फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही की आशंका सामने आ रही है। मजदूरों से बिना जरूरी सुरक्षा उपकरण और सुरक्षा मानकों का पालन किए खतरनाक केमिकल टैंक की सफाई करवाई जा रही थी, जिसके कारण जहरीली गैस बनने से यह दुर्घटना हुई।
दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाईपुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी भी व्यक्ति या फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।