राजस्थान में सामने आया अनोखा चोरी का तरीका, पकड़ा गया गहने निगलकर सबूत मिटाने वाला गिरो

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसकी चोरी करने की शैली ने पुलिस अधिकारियों को भी चौंका दिया। मेवाड़ क्षेत्र के प्रसिद्ध कोटड़ी चारभुजा नाथ मंदिर में आयोजित रंगोत्सव के दौरान महिलाओं के गले से जेवरात चोरी करने वाली बाछड़ा गैंग की सात महिला सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस गिरोह की खास बात यह थी कि ये महिलाएं चोरी किए गए गहनों को पकड़े जाने के डर से तुरंत निगल जाती थीं, जिससे तलाशी के दौरान उनके पास कोई सबूत न मिले।

पेट के एक्स-रे में नजर आया सोने का मंगलसूत्र

रंगोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। इसी भीड़ के बीच पुलिस को कुछ महिलाओं की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। शक के आधार पर उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, लेकिन शुरुआती तलाशी में उनके पास से कोई भी जेवर बरामद नहीं हुआ।

हालांकि पुलिस को संदेह बना रहा, इसलिए आरोपियों का मेडिकल परीक्षण करवाया गया। इसी दौरान एक महिला सपना का एक्स-रे कराया गया। एक्स-रे रिपोर्ट सामने आते ही डॉक्टरों और पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए, क्योंकि उसके पेट में धातु के आभूषण साफ दिखाई दे रहे थे। इसके बाद उसे जिला चिकित्सालय महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने विशेष चिकित्सकीय प्रक्रिया के माध्यम से उसके पेट से सोने का मंगलसूत्र और छह मोती बाहर निकलवाए।
भीड़ का फायदा उठाकर करती थीं चोरी

कोटड़ी थाना प्रभारी महावीर प्रसाद के अनुसार यह गिरोह मुख्य रूप से भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों, मेलों और त्योहारों को निशाना बनाता था। मंदिरों में दर्शन करने आई महिलाओं को यह गैंग अपना आसान शिकार बनाता था।

गिरोह की महिलाएं भीड़ का फायदा उठाकर बेहद चालाकी से महिलाओं के गले से चेन या मंगलसूत्र काट लेती थीं। अगर उसी समय किसी को शक हो जाता या पीड़ित महिला शोर मचा देती, तो आरोपी तुरंत चोरी किया गया गहना निगल लेती थीं। इस वजह से जब पुलिस तलाशी लेती, तो उनके पास से कुछ भी बरामद नहीं होता और वे आसानी से बच निकलती थीं।

मध्य प्रदेश से आकर करते थे वारदात

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार की गई सभी सात महिलाएं मध्य प्रदेश के नीमच जिले के मनासा इलाके की रहने वाली हैं। यह गिरोह अलग-अलग शहरों में जाकर भीड़भाड़ वाले धार्मिक कार्यक्रमों को निशाना बनाता था।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक कार भी बरामद की है, जिसका इस्तेमाल वे वारदात को अंजाम देने और मौके से भागने के लिए करती थीं। गिरफ्तार महिलाओं के नाम इस प्रकार हैं—

सपना पत्नी गोल्डी बाछड़ा

शानु पिता बाबूलाल बाछड़ा

वर्तिका पत्नी अमित बाछड़ा

बरजी बाई पत्नी दयाल बाछड़ा

बसंती पत्नी फूलचंद बाछड़ा

मैना पत्नी भालू सिंगावल

पायल पत्नी गोलू बाछड़ा

पुलिस ने श्रद्धालुओं से की सावधानी बरतने की अपील


कोटड़ी पुलिस फिलहाल इस गिरोह से गहन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उन्होंने अन्य किन-किन स्थानों पर ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस को आशंका है कि शीतला सप्तमी के अवसर पर भी इस गैंग ने कई जगह इसी तरह की चोरी की घटनाएं की हो सकती हैं।

पुलिस ने श्रद्धालुओं और आम लोगों से अपील की है कि धार्मिक आयोजनों, मेलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने कीमती सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें। साथ ही यदि किसी व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध लगें तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।