ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिका की सैन्य नेतृत्व प्रणाली में अचानक और चौंकाने वाला परिवर्तन सामने आया है। अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ, जनरल रैंडी जॉर्ज, को पद से हटाने का निर्णय लिया गया। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ की सिफारिश पर जनरल जॉर्ज ने तत्काल प्रभाव से पद छोड़कर रिटायरमेंट ले ली। इसके साथ ही दो अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को भी उनके पदों से हटा दिया गया। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका पश्चिम एशिया में गंभीर सैन्य टकराव में उलझा हुआ है और वैश्विक स्तर पर सुरक्षा परिस्थितियां अत्यंत संवेदनशील बनी हुई हैं। इस घटनाक्रम ने अमेरिकी सैन्य नेतृत्व और राजनीतिक सर्किलों में हलचल पैदा कर दी है।
नए कार्यवाहक चीफ की नियुक्तिअमेरिकी सेना और रक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनरल जॉर्ज को पद छोड़ने के लिए कहा गया था। अब उनकी जगह सेना के वाइस चीफ ऑफ स्टाफ, जनरल क्रिस्टोफर लानेव, ने कार्यवाहक चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में जिम्मेदारी संभाली है। वह सीनेट द्वारा नए चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त होने तक इस पद पर कार्य करेंगे।
पेंटागन प्रवक्ता का बयानपेंटागन प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने बताया कि जनरल रैंडी ए. जॉर्ज तत्काल प्रभाव से सेना के 41वें चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में रिटायर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा विभाग जनरल जॉर्ज द्वारा दशकों तक राष्ट्र के प्रति की गई सेवाओं के लिए उनका आभारी है और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता है।
अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की बर्खास्तगीरक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने जनरल जॉर्ज के साथ-साथ दो अन्य शीर्ष सैन्य अधिकारियों को भी पद से हटा दिया है। इनमें ट्रांसफॉर्मेशन एंड ट्रेनिंग कमांड के जनरल डेविड होडने और चैपलिन कोर के प्रमुख मेजर जनरल विलियम ग्रीन जूनियर शामिल हैं।
हेगसेथ ने पिछले साल पदभार संभालने के बाद अब तक करीब एक दर्जन शीर्ष जनरलों और एडमिरलों को पद से हटा दिया है। इस क्रम में जॉर्ज की बर्खास्तगी नवीनतम है।
जनरल जॉर्ज का सैन्य अनुभवजनरल जॉर्ज ने सितंबर 2023 में सेना के चीफ ऑफ स्टाफ का पद संभाला था। उनका कार्यकाल आमतौर पर चार साल का होता है, और उनके पद से हटाए जाने तक उनका लगभग डेढ़ साल शेष था। वे वेस्ट प्वाइंट मिलिट्री एकेडमी से स्नातक हैं और एक इंफैंट्री ऑफिसर के रूप में उन्होंने प्रथम खाड़ी युद्ध के अलावा इराक और अफगानिस्तान में भी सेवा दी है। जॉर्ज 2021-22 में अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन के शीर्ष सैन्य सलाहकार के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
पिछली बर्खास्तगियों से तुलनाजनवरी में हुई प्रारंभिक बर्खास्तगी में जनरल जॉर्ज बच गए थे। उस समय नौसेना की शीर्ष अधिकारी एडमिरल लिसा फ्रैंचेटी और वायु सेना के दूसरे सबसे बड़े अधिकारी जनरल जिम सिल्फे सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को पद से हटाया गया था। इसी दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के तत्कालीन चेयरमैन जनरल चार्ल्स सीक्यू ब्राउन को भी बर्खास्त किया था।
एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों पर असरराष्ट्रपति ट्रंप के निर्णय के बाद एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ सैन्य जनरलों और एडमिरलों ने या तो समय से पहले सेवानिवृत्ति ली या उन्हें पद से हटा दिया गया। इसमें सेना के वाइस चीफ ऑफ स्टाफ, जनरल जेम्स मिंगस भी शामिल थे, जो दो साल से कम समय तक इस पद पर रहे। इसके बाद ट्रंप ने अचानक लेफ्टिनेंट जनरल क्रिस्टोफर लानेव को पद के लिए नामित किया। लानेव उस समय हेगसेथ के शीर्ष सैन्य सलाहकार थे और दक्षिण कोरिया में आठवीं सेना की कमान संभालने के एक साल से भी कम समय में उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई।