अमेरिका ने ईरान पर हमलों में किन हथियारों का किया इस्तेमाल? पूरी जानकारी सामने आई

मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष और तीव्र हो गया है। अमेरिकी और इजरायली बलों ने ईरान में 2,000 से अधिक रणनीतिक ठिकानों पर हमला किया है। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई समेत कई उच्च सैन्य अधिकारी और नेता मारे गए हैं। वहीं, ईरान ने भी खाड़ी देशों में जवाबी हमले किए, जिसमें कुवैत, बहरीन, दुबई और सऊदी अरब शामिल हैं। इन हमलों के बाद क्षेत्र में हाहाकार मच गया।

दो दिनों में अमेरिका और इजरायल ने ईरान में गंभीर तबाही मचाई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सभी निर्धारित लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते, हमले जारी रहेंगे। इसी बीच यह भी सामने आया है कि अमेरिका ने ईरान में हमलों के लिए किन हथियारों और रणनीतियों का इस्तेमाल किया।

US सेंट्रल कमांड ने दी आधिकारिक जानकारी


US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में Twitter) हैंडल पर जानकारी साझा की। CENTCOM ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्देश पर ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू किया गया। इस ऑपरेशन का उद्देश्य ईरान की सुरक्षा प्रणालियों को नष्ट करना और ऐसे ठिकानों को निशाना बनाना है, जो तत्काल खतरा पैदा कर सकते हैं। CENTCOM के अनुसार, अब तक 1,000 से अधिक महत्वपूर्ण टारगेट पर हमले किए जा चुके हैं।
हमलों में इस्तेमाल किए गए प्रमुख हथियार

ऑपरेशन में अमेरिकी सेनाओं ने विभिन्न प्रकार के अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया। इनमें शामिल हैं:

बी-2 स्टील्थ बॉम्बर

लुकास ड्रोन

पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइल सिस्टम

थाड एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम

एफ-18, एफ-16 और एफ-22 लड़ाकू विमान

ए-10 अटैक जेट

एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान

ईए-18जी इलेक्ट्रॉनिक अटैक विमान

एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल विमान

एयरबोर्न कम्युनिकेशन रिले

पी-8 समुद्री गश्ती विमान

आरसी-135 टोही विमान

एमक्यू-9 रीपर ड्रोन

एम-142 हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम

परमाणु-संचालित विमानवाहक पोत

निर्देशित मिसाइल विध्वंसक

काउंटर-ड्रोन सिस्टम

ईंधन भरने वाले टैंकर विमान और जहाज

सी-17 ग्लोबमास्टर और सी-130 कार्गो विमान

और कुछ अन्य विशेष क्षमताएँ, जिन्हें सुरक्षा कारणों से सूचीबद्ध नहीं किया जा सकता।

निशाना बने प्रमुख टारगेट


अमेरिकी हमलों में ईरान के कई अहम सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें शामिल हैं:

कमांड एवं नियंत्रण केंद्र

IRGC संयुक्त मुख्यालय

IRGC एयरोस्पेस फोर्सेज मुख्यालय

एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली

बैलिस्टिक मिसाइल स्थल

ईरानी नौसेना के जहाज और पनडुब्बियां

जहाज-रोधी मिसाइल स्थल

सैन्य संचार नेटवर्क और क्षमताएं


मिडिल ईस्ट में इस संघर्ष ने वैश्विक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर गंभीर असर डाला है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और इजरायल की यह रणनीति ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमज़ोर करने और क्षेत्र में अपनी प्रभुत्व स्थिति बनाए रखने की कोशिश है। वहीं ईरान के हमलों से खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ा है। इस बीच, दुनिया भर की नजरें अमेरिका, ईरान और इजरायल के अगले कदम पर टिकी हैं।