क्या हैं पेड़ों को सफेद और लाल रंग से रंगने के पीछे का कारण? आइये जानें

दिवाली आ रही हैं तो सभी अपने घरों में रंग करवा रहे हैं। लेकिन देखा जाता हैं कि कई लोग अपने घर के बाहर लाफे पेड़ों पर भी पेंट करते हैं। इसी के साथ ही आपने देखा होगा कि सड़क के दोनों तरफ लगे पेड़ों पर भी सफेद और लाल रंग की पट्टियाँ बनाई जाती हैं। पेड़ों के निचले हिस्से में पेंट करने का यह तरीका काफी पुराना है। लेकिन क्या कभी आपने इसके बारे में सोचा है कि ऐसा क्यों किया जाता है? दरअसल, इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण हैं, जिसके बारे में शायद ही आप जानते होंगे।

पेड़ों के निचले हिस्से में पेंट करने का यह तरीका काफी पुराना है। दरअसल, इसके पीछे यही उद्देश्य होता है कि हरे-भरे पेड़ों को और ज्यादा मजबूती देना। आपने ये देखा होगा कि पेड़ों में दरारें आ जाती हैं और उनकी छाल निकलने लगती है, जिसकी वजह से पेड़ कमजोर होने लगते हैं। ऐसे में उन्हें मजबूत करने के लिए पेंट कर दिया जाता है। पेंट करने से पेड़ों की उम्र भी बढ़ जाती है।

इसके साथ ही पेड़ों को पेंट करने के पीछे एक उद्देश्य यह भी है कि उनमें दीमक या कीड़े नहीं लगते हैं। क्योंकि ये कीड़े किसी भी पेड़ को अंदर से खोखला कर देते हैं, लेकिन पेंट करने की वजह से पेड़ों में कीड़े नहीं लगते हैं। पेड़ों को पेंट करने से उन्हें कीड़ों से भी सुरक्षा मिलती है।

पेड़ों को पेंट करने से उनकी सुरक्षा में भी सुधार होता है। यह इस बात का संकेत होता है कि वो पेड़ वन विभाग की नजर में हैं और उनकी कटाई नहीं की जा सकती है। कुछ जगहों पर पेड़ों को रंगने के लिए केवल सफेद पेंट का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन कई जगहों पर लाल और नीले रंगों का भी उपयोग किया जाता है। राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़क के किनारे लगे पेड़ों को भी सफेद रंग से रंगा जाता है, ताकि रात के अंधेरे में भी ये पेड़ अपनी चमक के कारण आसानी से देखे जा सकते हैं।