हैरान कर देगा मामला! मैंगो जूस के पैकेट में निकला सांप जैसा पदार्थ, पीते ही बीमार हुई 3 साल की बच्ची

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पैकेटबंद पेय पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के मगरलोड क्षेत्र में एक तीन वर्षीय बच्ची द्वारा मैंगो ड्रिंक पीने के बाद उसकी तबीयत खराब हो गई। जब परिजनों ने जूस के पैकेट की जांच की तो उसके अंदर सांप या केंचुए जैसी आकृति वाला संदिग्ध पदार्थ दिखाई दिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बन गया है।

जूस पीते समय हुआ कुछ अजीब महसूस

मिली जानकारी के अनुसार, मगरलोड ब्लॉक के करेली बड़ी गांव निवासी डोमेश साहू की तीन साल की बेटी डीत्या साहू ने रविवार को बाजार से खरीदा गया 10 रुपये वाला पैकेटबंद मैंगो ड्रिंक पिया था। पेय पदार्थ पीते समय बच्ची को स्ट्रॉ में कुछ अजीब तरह की रुकावट महसूस हुई। इसके कुछ समय बाद उसने घबराहट और पेट में परेशानी की शिकायत की।

बच्ची की स्थिति देखकर परिवार के लोग चिंतित हो गए और उसे तुरंत मगरलोड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। चिकित्सकों की निगरानी में बच्ची की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
पैकेट खोलते ही सामने आया चौंकाने वाला नजारा

बच्ची की तबीयत बिगड़ने के बाद परिजनों को जूस पर शक हुआ। उन्होंने पैकेट को काटकर अंदर देखा तो हैरान रह गए। पैकेट के भीतर एक अजीब और संदिग्ध पदार्थ तैरता हुआ दिखाई दिया, जिसकी बनावट किसी छोटे सांप, केंचुए या सड़े हुए जैविक तत्व जैसी लग रही थी।

यह दृश्य देखते ही परिवार के लोगों के होश उड़ गए। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने भी खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

सूचना मिलते ही हरकत में आया खाद्य विभाग

घटना की जानकारी मिलने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम सक्रिय हो गई। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संबंधित पैकेट को अपने कब्जे में लिया और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। विभागीय अधिकारियों ने संदिग्ध पदार्थ का नमूना सुरक्षित कर लिया है, जिसे परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।

प्रारंभिक स्तर पर अधिकारियों को यह पदार्थ किसी प्रकार की फंगस या दूषित जैविक संरचना प्रतीत हो रहा है, लेकिन इसकी वास्तविक प्रकृति का खुलासा वैज्ञानिक जांच के बाद ही हो सकेगा।

रायपुर की प्रयोगशाला में होगी विस्तृत जांच

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए नमूने को रायपुर स्थित मान्यता प्राप्त लैब में भेजा जाएगा। वहां विशेषज्ञ यह जांच करेंगे कि पैकेट के भीतर मिला पदार्थ आखिर क्या है और वह उत्पादन, पैकेजिंग या भंडारण की किस प्रक्रिया के दौरान पहुंचा।

अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मामले में किस स्तर पर लापरवाही हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

एक्सपायरी डेट सही निकली, लेकिन दुकान पर उठे सवाल

प्रारंभिक जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि जिस पैकेटबंद ड्रिंक का सेवन बच्ची ने किया था, उसकी एक्सपायरी डेट अभी समाप्त नहीं हुई थी। यानी उत्पाद तकनीकी रूप से उपयोग योग्य अवधि के भीतर था।

हालांकि जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई। जिस दुकान से यह पेय पदार्थ खरीदा गया था, वहां बिक्री के लिए आवश्यक वैध लाइसेंस नहीं मिला। विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दुकानदार के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

लोगों में बढ़ी चिंता, सुरक्षा पर उठे सवाल

पैकेटबंद जूस और मैंगो ड्रिंक जैसे उत्पाद बच्चों से लेकर बड़ों तक के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। ऐसे में यदि किसी उत्पाद में इस तरह का संदिग्ध पदार्थ मिलने की शिकायत सामने आती है तो यह उपभोक्ताओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन जाता है।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में डर और नाराजगी का माहौल है। कई अभिभावकों ने खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता जांच को और सख्त बनाने की मांग की है। फिलहाल सभी की निगाहें लैब रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सकेगा कि पैकेट के अंदर मिला संदिग्ध पदार्थ वास्तव में क्या था और यह उत्पाद तक कैसे पहुंचा।