पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण से ठीक पहले सियासी माहौल बेहद गर्म हो गया है। 23 अप्रैल को होने वाले मतदान से एक दिन पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनाव प्रचार के दौरान नादिया में तृणमूल कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि टीएमसी के एक महापौर द्वारा बंगाल की आधी आबादी को उर्दू बोलने के लिए प्रेरित करने की बात कही गई है, लेकिन वह स्पष्ट करना चाहते हैं कि बंगाल की पहचान उसकी मातृभाषा बांग्ला से ही बनी रहेगी और इसी संस्कृति के जरिए राज्य देश को नई दिशा देगा।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी ने टीएमसी के कुछ नेताओं के बयानों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब कोई जनप्रतिनिधि यह कहता है कि उसके दिल में काबा और आंखों में मदीना बसा है, तो यह बंगाल की परंपरा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नादिया की जनता ऐसी सोच को स्वीकार नहीं करेगी। यहां की पहचान मां महाकाली की भक्ति और चैतन्य महाप्रभु की वैष्णव परंपरा से जुड़ी हुई है, जो प्रेम और भक्ति का संदेश हर घर तक पहुंचाती है।
इसके बाद हावड़ा जिले के उदयनारायणपुर में आयोजित रैली में भी योगी आदित्यनाथ ने टीएमसी सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि बंगाल की धरती ऐतिहासिक रूप से गौरव और शौर्य की प्रतीक रही है, लेकिन आज राज्य अपनी पहचान को फिर से स्थापित करने के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रैली के आयोजन के दौरान टीएमसी से जुड़े लोगों ने भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने की कोशिश की, बावजूद इसके बड़ी संख्या में लोग इस सभा में पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद जनता का उत्साह यह दर्शाता है कि बदलाव की लहर तेज हो चुकी है। उन्होंने माता दक्षिणेश्वर काली का उल्लेख करते हुए कहा कि बंगाल की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत ही इसकी असली ताकत है। उन्होंने दावा किया कि इस बार हावड़ा जिले की सभी सीटों पर भाजपा को सफलता मिलेगी और यह राज्य में एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत साबित होगी।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 दो चरणों में संपन्न हो रहा है। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान होना है, जबकि दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को शेष 142 सीटों के लिए कराया जाएगा। कुल 294 सीटों के लिए होने वाले इस चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे, जिन पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।