दिल्ली में विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक की अहम बैठक शुरू हो चुकी है, जिसमें देश की राजनीति की दिशा तय करने वाली रणनीतियों पर मंथन किया जा रहा है। यह बैठक राजधानी दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में दोपहर 12 बजे से आयोजित की गई है, जहां विभिन्न विपक्षी दलों के शीर्ष नेता एक साझा मंच पर एकत्र हुए हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ संयुक्त रणनीति तैयार करना और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए विपक्षी एकजुटता को मजबूत करना बताया जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), समाजवादी पार्टी (सपा) समेत लगभग 22 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। वहीं कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के अनुसार कुल 23 दलों ने भागीदारी की पुष्टि की थी, लेकिन कुछ दलों ने अलग-अलग कारणों से दूरी बना ली है। विशेष रूप से द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) और आम आदमी पार्टी (आप) इस बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं, जबकि टीवीके को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में अंतिम रूप से 22 दलों के नेता इस बैठक का हिस्सा बने हैं।
कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में हो रही इस बैठक में कई बड़े और चर्चित चेहरे मौजूद हैं, जिनमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी और उनके साथ अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे शामिल हैं। जैसे-जैसे बैठक का समय आगे बढ़ा, ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव सहित कई नेता स्थल पर पहुंचते नजर आए, जिससे राजनीतिक हलचल और तेज हो गई।
सूत्रों और पार्टी नेताओं के अनुसार इस बैठक में शामिल सभी दलों का फोकस आने वाले समय में एक मजबूत विपक्षी मोर्चा तैयार करने पर है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने बताया कि 23 राजनीतिक दलों ने गठबंधन बैठक में शामिल होने की सहमति दी थी, लेकिन कुछ दलों ने अपनी आंतरिक राजनीतिक परिस्थितियों के कारण इससे दूरी बना ली। डीएमके ने हाल ही में कांग्रेस के कुछ राजनीतिक फैसलों और तमिलनाडु में बदलते समीकरणों के चलते बैठक से दूरी बनाने का फैसला लिया है, जबकि आम आदमी पार्टी पहले से ही इस गठबंधन से खुद को अलग बता चुकी है।
बैठक में शामिल प्रमुख राजनीतिक दलों की सूची में इंडियन नेशनल कांग्रेस, ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), एनसीपी (शरद पवार), सीपीआई (एम), सीपीआई, सीपीआई (एमएल) लिबरेशन, आरएसपी, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, विदुथलाई चिरुथैगल काची, एमडीएमके, आरएलडी (बेनीवाल), केरल कांग्रेस, केरल कांग्रेस (एम), विकासशील इंसान पार्टी और भारत आदिवासी पार्टी सहित कई क्षेत्रीय दल शामिल हैं।
गौरतलब है कि यह विपक्षी गठबंधन की एक महत्वपूर्ण और औपचारिक बैठक है, जो लगभग दो वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित की जा रही है। इस बैठक में 2029 के लोकसभा चुनाव और आने वाले राज्यों के चुनावों को ध्यान में रखते हुए रणनीति तय की जाएगी। विपक्ष का लक्ष्य है कि केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट मोर्चा खड़ा किया जाए और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक पकड़ को मजबूत किया जाए। हाल के समय में कुछ राज्यों में मिली चुनावी चुनौतियों ने भी विपक्षी दलों को एक बार फिर एक साथ आने के लिए प्रेरित किया है।
इधर दिल्ली में बैठक शुरू होने से पहले राजनीतिक माहौल भी गर्म दिखाई दिया। राजधानी के कई इलाकों में ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं जिनमें INDIA गठबंधन के घटक दलों के नेताओं के एक-दूसरे के खिलाफ दिए गए पुराने बयानों को दिखाया गया है। इन पोस्टरों में यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि जो दल आपस में एकमत नहीं हैं, वे मिलकर देश के बड़े मुद्दों पर कितने प्रभावी ढंग से काम कर पाएंगे। ये पोस्टर भारतीय जनता पार्टी की ओर से लगाए जाने की बात कही जा रही है, जिससे राजनीतिक बहस और भी तेज हो गई है।