कौन है यूपी का ठाकुर राज सिंह? शुभेंदु अधिकारी के PA मर्डर केस में कोलकाता पुलिस ने किया अरेस्ट

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में कोलकाता पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले की जांच कर रही टीम ने उत्तर प्रदेश के रहने वाले ठाकुर राज सिंह नामक युवक को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी को उस समय हिरासत में लिया गया, जब वह लखनऊ से अपनी मां के साथ बलिया लौट रहा था। गिरफ्तारी अयोध्या में की गई, जहां पश्चिम बंगाल पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से कार्रवाई को अंजाम दिया।

जांच एजेंसियों के अनुसार ठाकुर राज सिंह पर इस सनसनीखेज हत्या में शूटर की भूमिका निभाने का आरोप है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि बिहार के बक्सर से पकड़े गए दो संदिग्धों से पूछताछ के दौरान राज सिंह का नाम सामने आया, जिसके बाद उसकी तलाश तेज कर दी गई। रविवार देर रात अयोध्या में उसे ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया गया।

इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए अयोध्या जोन के एडीजी प्रवीण कुमार ने बताया कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने अयोध्या पुलिस के सहयोग से बलिया निवासी युवक को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे कोलकाता ले जाया गया। हालांकि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस फिलहाल ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं कर रही है।

बताया जा रहा है कि ठाकुर राज सिंह हाल ही में लखनऊ में आयोजित एक हाई प्रोफाइल शादी समारोह में शामिल होने गया था। यह शादी पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के नाती और एमएलसी रविशंकर सिंह की बेटी की थी। समारोह जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित हुआ था। राज सिंह के सोशल मीडिया अकाउंट पर इस शादी से जुड़ी कई तस्वीरें भी साझा की गई हैं, जिनमें वह कई नेताओं और पुलिस अधिकारियों के साथ दिखाई दे रहा है।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी की मां भी उसके साथ मौजूद थीं। उन्होंने पुलिस कार्रवाई का विरोध जताया और बेटे पर लगे आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनका बेटा कभी कोलकाता गया ही नहीं और परिवार का पश्चिम बंगाल से कोई संबंध भी नहीं है। उन्होंने पुलिस से मांग की कि हत्या वाले दिन की सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन की जांच कराई जाए।

राज सिंह की मां ने कहा, “हम लोग अयोध्या से दर्शन करके वापस लौट रहे थे, तभी कोलकाता पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस वालों ने कहा कि सिर्फ पूछताछ करनी है और बाद में छोड़ देंगे। मेरा बेटा हमेशा मेरे साथ रहता था। हमारे घर में भी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिन्हें चेक किया जा सकता है। हत्या वाले दिन वह घर पर ही मौजूद था।”

जांच में यह भी सामने आया है कि ठाकुर राज सिंह का नाम पहले भी एक हत्या के मामले में जुड़ चुका है। वर्ष 2020 में बलिया में दिव्यांग अंडा विक्रेता की हत्या के मामले में वह आरोपी बनाया गया था। राज सिंह मूल रूप से बलिया जिले के गड़वार थाना क्षेत्र स्थित बुढ़ऊ कुरेजी गांव का रहने वाला है, जबकि शहर के आनंद नगर इलाके में उसका मकान बताया जाता है।

परिवार की बात करें तो उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि मां डाक विभाग में कार्यरत हैं। वहीं सोशल मीडिया प्रोफाइल के मुताबिक ठाकुर राज सिंह खुद को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा उत्तर प्रदेश का प्रदेश महासचिव बताता है। इतना ही नहीं, वह स्थानीय राजनीति में भी सक्रिय था और चिलकहर ब्लॉक प्रमुख चुनाव के लिए अपनी दावेदारी की तैयारी कर रहा था। साथ ही सभासद चुनाव लड़ने की भी चर्चा थी।

फिलहाल कोलकाता पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश कैसे रची गई, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी और आरोपी का नेटवर्क कितना बड़ा है। वहीं इस गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है।