बंगाल में EVM सुरक्षा पर हंगामा! कोलकाता में लगे ‘लॉकडाउन’ जैसे प्रतिबंध, शहर बना छावनी

पश्चिम बंगाल में मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब EVM की सुरक्षा को लेकर सियासी तापमान तेजी से बढ़ गया है। Trinamool Congress और Bharatiya Janata Party के कार्यकर्ताओं के बीच तनावपूर्ण हालात देखने को मिले, जिसके बाद कोलकाता में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। हालात ऐसे बन गए हैं कि शहर के कई हिस्सों में ‘लॉकडाउन’ जैसी पाबंदियां लागू कर दी गई हैं और पूरा इलाका मानो सुरक्षा छावनी में तब्दील हो गया है।

ममता बनर्जी का धरना और आधी रात का हंगामा

गुरुवार देर रात Mamata Banerjee खुद दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर स्थित सखावत मेमोरियल हाई स्कूल के स्ट्रॉन्गरूम के बाहर पहुंचीं और करीब तीन घंटे तक धरने पर बैठीं। उनके वहां मौजूद रहने के दौरान माहौल और ज्यादा गरमा गया। इसी बीच लॉर्ड सिन्हा रोड पर बड़ी संख्या में भाजपा समर्थक भी विरोध जताने के लिए जुट गए।

स्थिति बिगड़ती देख सुरक्षा बलों को देर रात हस्तक्षेप करना पड़ा और दोनों पक्षों को वहां से हटाया गया। दूसरी ओर, मध्य कोलकाता के खुदीराम अनुशीलन केंद्र में भी तनाव बढ़ गया, जहां केंद्रीय सुरक्षा बलों को दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को अलग करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

आम लोगों की एंट्री बंद, हर जगह कड़ी निगरानी

कोलकाता पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इसके तहत:

स्ट्रॉन्गरूम के 200 मीटर के दायरे में पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
किसी भी प्रकार के जुलूस, प्रदर्शन या नारेबाजी की अनुमति नहीं दी गई है।
ये पाबंदियां 4 मई तक, यानी मतगणना पूरी होने तक लागू रहेंगी।
सभी प्रमुख सड़कों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और आवाजाही सीमित कर दी गई है।
केवल चुनाव आयोग के क्यूआर-कोड वाले अधिकृत पहचान पत्र रखने वालों को ही प्रवेश दिया जा रहा है।
लॉर्ड सिन्हा रोड को आम नागरिकों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

ट्रैफिक विभाग के जॉइंट कमिश्नर रूपेश कुमार के मुताबिक, संवेदनशील इलाकों में वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
इन काउंटिंग सेंटर्स पर भी कड़ा पहरा

सिर्फ स्ट्रॉन्गरूम ही नहीं, बल्कि कोलकाता के पांच अन्य मतगणना केंद्रों के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इनमें हेस्टिंग्स हाउस कॉम्प्लेक्स, एपीसी पॉलिटेक्निक कॉलेज, सेंट थॉमस बॉयज हाई स्कूल, बालीगंज गवर्नमेंट हाई स्कूल और डेविड हेयर ट्रेनिंग कॉलेज शामिल हैं। इन सभी जगहों पर अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है और आम लोगों की आवाजाही पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।

पूरे राज्य में केंद्रीय बलों की तैनाती

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी या हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। Election Commission of India के निर्देश पर पूरे पश्चिम बंगाल में केंद्रीय बलों की करीब 700 कंपनियां तैनात की गई हैं। सभी मतगणना केंद्रों पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है और संवेदनशील इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने भरोसा दिलाया है कि मतगणना के दिन के लिए सुरक्षा के सभी इंतजाम पर्याप्त हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।

शिकायत के लिए हेल्पलाइन जारी

चुनाव आयोग ने आम जनता के लिए शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। इसके लिए एक टोल-फ्री नंबर (18003450008) जारी किया गया है, जहां लोग किसी भी तरह की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा wbfreeandfairpolls@gmail.com
पर ईमेल के जरिए भी शिकायत भेजी जा सकती है। आयोग ने यह भी आश्वासन दिया है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।