झालमुड़ी तो मैंने खाई, लेकिन मिर्ची TMC को लगी… मतदान के दिन पीएम मोदी का ममता बनर्जी पर चुटीला वार

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के बीच सियासी बयानबाजी अपने चरम पर है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी सभा में तृणमूल कांग्रेस पर तीखा और हल्के-फुल्के अंदाज में निशाना साधा। कृष्णानगर में आयोजित रैली के दौरान उन्होंने ‘झालमुड़ी’ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर व्यंग्य कसा, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा गया।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने तो केवल झालमुड़ी का स्वाद लिया था, लेकिन उसकी तीखी ‘झाल’ का असर तृणमूल कांग्रेस पर दिख रहा है। उनका यह बयान सुनते ही सभा में मौजूद समर्थकों के बीच हंसी और तालियों का माहौल बन गया। उन्होंने इस उदाहरण के जरिए विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए संकेत दिया कि छोटे-छोटे मुद्दों पर भी टीएमसी की प्रतिक्रिया तीखी हो जाती है।

दरअसल, हाल ही में चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी बंगाल के दौरे पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने एक स्थानीय दुकान से झालमुड़ी खरीदी और खाते हुए नजर आए थे। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया था, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। बताया जा रहा है कि इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर 24 घंटे के भीतर करीब 10 करोड़ बार देखा गया, जबकि फेसबुक पर भी इसे लगभग 9 करोड़ व्यूज मिले।

कृष्णानगर की रैली में इसी वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह सिर्फ एक सामान्य घटना थी, लेकिन विपक्ष ने इसे मुद्दा बना दिया। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि झालमुड़ी तो उन्होंने खाई, लेकिन उसकी ‘मिर्ची’ किसी और को लग गई। उनके इस बयान को टीएमसी पर सीधे तंज के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में चुनावी भविष्यवाणी भी करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में इस बार ‘कमल’ खिलना तय है। उन्होंने दावा किया कि 4 मई को चुनाव परिणाम आने के बाद राज्य में भाजपा की जीत का जश्न मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि उस दिन मिठाइयां भी बांटी जाएंगी और झालमुड़ी भी लोगों के बीच बांटी जाएगी।

बंगाल में जारी मतदान के बीच पीएम मोदी का यह बयान न केवल चर्चा का विषय बन गया है, बल्कि यह भी दिखाता है कि चुनावी मुकाबला अब केवल नीतियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि व्यंग्य और प्रतीकों के जरिए भी जनता को संदेश देने की कोशिश की जा रही है।