पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहां भारतीय जनता पार्टी ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। चुनावी नतीजों के बाद बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने इस जनादेश को आम जनता की निर्णायक जीत बताते हुए कहा कि लोगों ने कथित तौर पर कुशासन, भ्रष्टाचार और हिंदू विरोधी नीतियों से तंग आकर सत्ता परिवर्तन का रास्ता चुना है। उनके अनुसार, जनता ने इस सरकार को पूरी तरह से जड़ से उखाड़ फेंकने का काम किया है।
शुभेंदु अधिकारी ने आगे कहा कि यह परिणाम केवल राजनीतिक बदलाव नहीं, बल्कि जनभावनाओं का स्पष्ट संदेश है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए भरोसा दिलाया कि वे सबको साथ लेकर आगे बढ़ेंगे और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही और यह भी कहा कि अब तुष्टीकरण की राजनीति का दौर खत्म होगा। चुनाव के बाद होने वाली हिंसा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई करेगी और किसी भी प्रकार की अराजकता को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा।
विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए अधिकारी ने कहा कि हार के बाद ही ये नेता सक्रिय होते हैं। उन्होंने राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि अब इनका राजनीतिक प्रभाव खत्म हो चुका है और आने वाले समय में अखिलेश यादव की राजनीति भी कमजोर पड़ जाएगी। भवानीपुर सीट का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि वहां सीपीएम समर्थकों और हिंदू समुदाय ने एकजुट होकर उन्हें समर्थन दिया, जिससे उनकी जीत सुनिश्चित हुई। उन्होंने दोहराया कि ममता बनर्जी को हराना जरूरी था और जनता ने वही किया जो उस समय आवश्यक था।
अगर सीटों की बात करें तो बीजेपी ने 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई से ज्यादा बहुमत हासिल किया है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। बहुमत के लिए 148 सीटों की जरूरत होती है, लेकिन फाल्टा सीट पर मतदान रद्द होने के चलते 293 सीटों के नतीजे घोषित हुए हैं, जिससे फिलहाल बहुमत का आंकड़ा 147 हो गया है। इसके बावजूद बीजेपी ने भारी अंतर से जीत दर्ज करते हुए राज्य की सत्ता पर कब्जा जमा लिया है और तृणमूल कांग्रेस के 15 वर्षों के शासन का अंत कर दिया है।
इस चुनाव में बीजेपी ने न केवल शहरी इलाकों में बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपनी पकड़ मजबूत की है। पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस के मजबूत गढ़ों में भी सेंध लगाकर अपने बढ़ते जनाधार का संकेत दिया है। निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बीजेपी ने 206 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों तक सिमट गई है और एक सीट पर आगे चल रही है।
बीजेपी के इस सफर पर नजर डालें तो यह उछाल काफी उल्लेखनीय रहा है। साल 2011 में जहां पार्टी का वोट शेयर महज करीब 4 प्रतिशत था, वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव तक यह बढ़कर लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच गया। इसके बाद 2021 के विधानसभा चुनाव में 77 सीटें जीतकर बीजेपी ने वामपंथी दलों और कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए खुद को तृणमूल कांग्रेस के मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में स्थापित कर लिया था। अब इस प्रचंड जीत के साथ पार्टी ने राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय लिख दिया है।