बागेश्वर बाबा की तस्वीर जलाने के मामले में कांग्रेस नेता गिरफ्तार, 4 दिन की पुलिस कस्टडी

पश्चिम बंगाल में बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री यानी बागेश्वर बाबा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। कोलकाता में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान तस्वीर जलाने के आरोप में कांग्रेस नेता अतनु दास को गिरफ्तार किया गया है। दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव अतनु दास को पुलिस ने 11 सितंबर की देर रात टॉलीगंज स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया। बाद में अलीपुर अदालत ने उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

क्या है पूरा मामला

यह विवाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन को लेकर दिए गए बयान के बाद शुरू हुआ। पश्चिम बंगाल में अपने एक कार्यक्रम के दौरान शास्त्री ने दुर्गा पूजा और नवरात्रि के समय पूजा पंडालों के आसपास मांसाहारी भोजन नहीं बेचने की अपील की थी। उनके बयान को लेकर राज्य में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई।

कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शास्त्री की टिप्पणी का विरोध किया। उनका कहना था कि बंगाल की खान-पान की परंपरा और सांस्कृतिक पहचान को लेकर इस तरह की अपील स्वीकार्य नहीं है। इसी विरोध के तहत 8 सितंबर को कोलकाता के भवानीपुर पुलिस थाने के सामने प्रदर्शन किया गया।

पुलिस के मुताबिक, इसी प्रदर्शन के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तस्वीर वाले पोस्टर को कथित तौर पर जलाया गया, पैरों से रौंदा गया और जूतों से मारा गया। पुलिस ने इस घटना को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका से जोड़ते हुए मामला दर्ज किया है। हालांकि तस्वीर जलाने में अतनु दास की व्यक्तिगत भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

अतनु दास के खिलाफ किन धाराओं में मामला

न्यूज रिपोर्टों के मुताबिक भवानीपुर थाने में दर्ज मामले में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 196(1), 302 और 3(5) लगाई गई हैं। पुलिस दस्तावेजों के अनुसार मामला 8 सितंबर को हुए प्रदर्शन से जुड़ा है और अतनु दास सहित कई लोगों को इसमें आरोपी बनाया गया है।

पुलिस के मुताबिक अतनु दास को 11 सितंबर की रात करीब 12:30 बजे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजने की जानकारी सामने आई है। मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ भी जांच जारी है।

सीएम शुभेंदु अधिकारी के निर्देश के बाद हुई कार्रवाई

अतनु दास के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पश्चिम बंगाल विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बयान के बाद हुई। उन्होंने विधानसभा में भवानीपुर थाने के सामने धीरेंद्र शास्त्री की तस्वीर जलाए जाने का मुद्दा उठाया और पुलिस आयुक्त से संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा।

शुभेंदु अधिकारी का कहना था कि धीरेंद्र शास्त्री को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं पर राय रखने का अधिकार है। उनकी बात से सहमत होना या उसे अस्वीकार करना लोगों की अपनी पसंद है, लेकिन किसी की तस्वीर जलाने जैसी कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस ने गिरफ्तारी का किया विरोध

अतनु दास की गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी नेताओं ने गिरफ्तारी को राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताया और कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे थे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार सहित पार्टी के नेताओं ने गिरफ्तारी पर आपत्ति जताई है। कांग्रेस का कहना है कि यदि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की टिप्पणी को लेकर शिकायत की गई थी तो उस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए थी। पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर बड़े विरोध प्रदर्शन की बात कही है।

विवाद के बीच धीरेंद्र शास्त्री ने दी सफाई


विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से भी सफाई सामने आई। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति के भोजन पर रोक लगाना नहीं है। उन्होंने अपने बयान को अहिंसा और जीव हत्या के खिलाफ अपने धार्मिक विचारों से जोड़ा।

उनकी ओर से यह भी कहा गया कि वह किसी की खान-पान की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करने की बात नहीं कर रहे थे। उनका जोर दुर्गा पूजा पंडालों की पवित्रता और धार्मिक वातावरण बनाए रखने पर था।

बंगाल बीजेपी ने भी बयान से बनाई दूरी


इस विवाद में पश्चिम बंगाल बीजेपी के भीतर से भी अलग प्रतिक्रिया देखने को मिली। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक धार्मिक व्यक्ति हैं और उनका सम्मान किया जाता है, लेकिन बंगाल के लोग क्या खाएंगे, यह कोई बाहर से आकर तय नहीं कर सकता।

इससे साफ है कि मांसाहारी भोजन को लेकर शुरू हुआ विवाद केवल कांग्रेस और बागेश्वर धाम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इस पर बीजेपी नेताओं के बीच भी अलग-अलग राय सामने आई।

अब आगे क्या होगा

अतनु दास की पुलिस हिरासत के बाद इस मामले की जांच आगे बढ़ेगी। पुलिस प्रदर्शन में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। दूसरी ओर कांग्रेस इस गिरफ्तारी को लेकर आंदोलन की तैयारी कर रही है।

फिलहाल इस मामले में तस्वीर जलाने और उससे जुड़े कथित कृत्यों को लेकर पुलिस का पक्ष जांच का हिस्सा है। अदालत में आगे की कार्यवाही और जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों को लेकर अंतिम कानूनी स्थिति क्या बनती है।

यह पूरा विवाद पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान खान-पान, धार्मिक परंपराओं और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर चल रही बहस के बीच सामने आया है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और पुलिस कार्रवाई तक पहुंच चुका है।