'अहंकार की कीमत चुकानी पड़ रही है, जनता ने अंडों और जूतों से दिया जवाब...' अभिषेक पर हमले के आरोपों पर BJP का पलटवार

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले ने राज्य में नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित लोगों से मुलाकात करने पहुंचे अभिषेक बनर्जी के काफिले को लेकर शनिवार शाम जो घटनाक्रम सामने आया, उसके बाद TMC और भारतीय जनता पार्टी (BJP) आमने-सामने आ गई हैं।

तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना को सुनियोजित हमला बताते हुए इसके पीछे बीजेपी का हाथ होने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर बीजेपी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह किसी राजनीतिक साजिश का परिणाम नहीं, बल्कि जनता के भीतर जमा असंतोष और नाराजगी की अभिव्यक्ति है।

BJP का पलटवार, बोली- जनता ने दिया जवाब


TMC की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद पश्चिम बंगाल बीजेपी की वरिष्ठ नेता और मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी जिस स्थिति का सामना कर रहे हैं, उसके लिए किसी अन्य दल को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उनके अनुसार राज्य में लंबे समय से सत्ता के दुरुपयोग और राजनीतिक दबाव का माहौल बना हुआ था, जिसका असर अब दिखाई दे रहा है।

अग्निमित्रा पॉल ने कहा, एक तरफ वर्षों से चले आ रहे प्रशासनिक अत्याचार और दूसरी तरफ शाहजहां शेख जैसे विवादित चेहरों की राजनीति ने जनता में भारी असंतोष पैदा किया है। अभिषेक बनर्जी लगातार विपक्षी नेताओं और देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों पर टिप्पणी करते रहे हैं। आज जो प्रतिक्रिया दिखाई दे रही है, वह लोगों की नाराजगी का परिणाम है।

उन्होंने आगे कहा कि पिछले डेढ़ दशक में TMC नेतृत्व को ऐसा लगने लगा था कि उनकी सत्ता को कोई चुनौती नहीं दे सकता। अब जब लोग खुलकर विरोध जता रहे हैं, तो उसे बीजेपी की साजिश बताना वास्तविकता से ध्यान भटकाने की कोशिश है। बीजेपी नेता ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ऐसी राजनीति में विश्वास नहीं करती जिसमें विरोधियों के खिलाफ हिंसक या अपमानजनक तरीके अपनाए जाएं।

अग्निमित्रा पॉल ने TMC के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जिस इलाके में यह घटना हुई, वहां अधिकांश वार्डों में तृणमूल कांग्रेस का प्रभाव है। ऐसे में बीजेपी को जिम्मेदार ठहराना राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश से ज्यादा कुछ नहीं है।
हत्या की कोशिश

घटना के बाद अभिषेक बनर्जी को इलाज के लिए कोलकाता के बेले व्यू अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उन पर सुनियोजित हमला किया गया और उनकी जान लेने की कोशिश की गई।

अभिषेक बनर्जी ने कहा, मुझे निशाना बनाकर हमला किया गया। जो कुछ हुआ, वह कैमरों में रिकॉर्ड हुआ है। हम इस पूरे मामले को कलकत्ता हाईकोर्ट और राज्यपाल के समक्ष उठाएंगे। मैं कानूनी लड़ाई लड़ूंगा और न्याय की मांग करूंगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला बीजेपी समर्थित तत्वों द्वारा कराया गया। अभिषेक ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस प्रकार की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि घटना के दौरान पुलिस की मौजूदगी क्यों नहीं थी और सुरक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर क्यों रही।

ममता बनर्जी ने लगाए गंभीर आरोप

घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अस्पताल पहुंचीं और अभिषेक बनर्जी का हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने प्रशासन और सत्ता पक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए।

ममता बनर्जी ने दावा किया कि कुछ प्रभावशाली लोग अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य संस्थानों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि अभिषेक बनर्जी को उचित इलाज न मिल सके। उनके अनुसार यह केवल राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का मामला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव डालने का उदाहरण है।

उन्होंने कहा, जब मैं अस्पताल प्रशासन के साथ चर्चा कर रही थी, तब मुझे बताया गया कि पुलिस की ओर से लगातार दबाव और धमकी भरे फोन किए जा रहे हैं। डॉक्टर और अस्पताल के कर्मचारी परेशान हैं, लेकिन वे मजबूरी में काम कर रहे हैं क्योंकि उन पर भारी दबाव बनाया जा रहा है।

ममता ने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो।

इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है। जहां TMC इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है, वहीं बीजेपी इसे जनता के असंतोष की स्वाभाविक प्रतिक्रिया करार दे रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और कानूनी कार्रवाई दोनों तेज होने की संभावना है।