हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद ने पकड़ा तूल, कांग्रेस का प्रदर्शन का ऐलान; धामी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदलता नजर आ रहा है। कांग्रेस ने इस मामले में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR का विरोध तेज करने का फैसला किया है। पार्टी मंगलवार को हल्द्वानी में प्रदर्शन करेगी, जबकि सितंबर के पहले सप्ताह में देहरादून में बड़ा विरोध प्रदर्शन कर सचिवालय का घेराव करने की तैयारी है।

कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि हल्द्वानी में कथित ‘जातिवादी शुद्धिकरण’ करने वाले बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी FIR दर्ज की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर पार्टी देशभर में राज्य स्तरीय विरोध मार्च निकालने की तैयारी कर रही है।

राहुल गांधी के खिलाफ किस मामले में FIR?

हल्द्वानी सिटी कोतवाली पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की है। शिकायत जवाहर नगर कॉलोनी निवासी 26 वर्षीय अमित कुमार ने दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता वाल्मीकि समुदाय से हैं और उन्हें श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास का पदाधिकारी बताया गया है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी की ‘शुद्धिकरण’ को लेकर की गई टिप्पणी से अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाएं आहत हुईं। FIR में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(r) और 3(1)(u) लगाई गई हैं। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 196 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 199 का भी उल्लेख है।

कांग्रेस ने देशभर में आंदोलन की तैयारी की

कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि राहुल गांधी के खिलाफ FIR के विरोध में पार्टी देशभर में राज्य स्तरीय विरोध मार्च निकालेगी। उन्होंने बीजेपी सरकारों पर दलित, अल्पसंख्यक और संविधान विरोधी एजेंडा आगे बढ़ाने का आरोप लगाया।

हुसैन ने कहा कि कांग्रेस ऐसे किसी भी एजेंडे का विरोध करेगी। उन्होंने RSS पर भी छुआछूत और जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देने वाली सोच रखने का आरोप लगाया।
देहरादून में सचिवालय घेराव की तैयारी

हल्द्वानी विवाद को लेकर कांग्रेस ने उत्तराखंड में अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। सितंबर के पहले सप्ताह में देहरादून में पार्टी का बड़ा प्रदर्शन प्रस्तावित है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में होने वाले इस प्रदर्शन के दौरान सचिवालय का घेराव किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा के भी शामिल होने की बात सामने आई है। पार्टी के मुताबिक, आंदोलन का मुद्दा केवल हल्द्वानी में हुए कथित शुद्धिकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR भी इसका हिस्सा है।

धामी ने राहुल गांधी के बयान पर किया पलटवार

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विवाद को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा है। खटीमा दौरे के दौरान धामी एक स्थानीय दुकान पर लोगों के साथ चाय पीते नजर आए। इसी दौरान उन्होंने डिस्पोजेबल कप का जिक्र करते हुए राहुल गांधी के जाति संबंधी बयानों पर कटाक्ष किया।

धामी ने कहा, “कप डिस्पोजेबल हो सकता है, लेकिन सोच इतनी डिस्पोजेबल नहीं होनी चाहिए कि चाय में भी जाति और राजनीति ढूंढी जाए।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय लोगों के साथ बैठकर चाय पीने पर उन्हें लोगों का अपनापन महसूस हुआ और उन्हें वहां कोई जाति नजर नहीं आई। उन्होंने राहुल गांधी के चाय के कप में भी जाति और भेदभाव तलाशने वाले बयान को संकीर्ण राजनीति की पराकाष्ठा बताया।

‘युवराज को सबूत देना चाहिए’: धामी

बनबसा में हुए शुद्धिकरण विवाद का जिक्र करते हुए भी मुख्यमंत्री धामी ने राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सर्वोच्च नेता को अपने आरोपों के सबूत देने चाहिए। धामी के मुताबिक, राहुल गांधी को गलत फीडबैक दिया जाता है और वह तथ्यों की जांच किए बिना बयान जारी कर देते हैं।

धामी ने उत्तराखंड की संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि यहां लोग मिल-जुलकर और आपसी स्नेह के साथ रहते हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर सनातन को नुकसान पहुंचाने और हिंदू समाज को कमजोर करने की सोच के तहत बयान देने का आरोप भी लगाया।

फिलहाल हल्द्वानी में खरगे की सभा के बाद शुरू हुआ कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद राहुल गांधी के खिलाफ FIR और जाति से जुड़े राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच चुका है। कांग्रेस के मंगलवार के प्रदर्शन और सितंबर के पहले सप्ताह में देहरादून में प्रस्तावित सचिवालय घेराव के कारण यह मुद्दा उत्तराखंड की राजनीति में आगे भी चर्चा में रहने की स्थिति में है।

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