यूपी में आंधी-तूफान और बारिश ने मचाई भारी तबाही, 101 लोगों की मौत; 24 घंटे में मुआवजा देने के निर्देश

उत्तर प्रदेश में बुधवार शाम आए भीषण मौसमीय कहर ने भारी जनहानि कर दी है। तेज बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में अब तक 101 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 50 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे कई लोग चपेट में आकर घायल हो गए और व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ। इस गंभीर स्थिति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख व्यक्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।

सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे स्वयं फील्ड में जाकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात करें और उन्हें तत्काल राहत पहुंचाएं। उन्होंने यह भी साफ कहा कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करना होगा।

24 घंटे में राहत कार्य पूरा करने के सख्त आदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे राहत एवं बचाव अभियान को युद्धस्तर पर 24 घंटे के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने से हुई जनहानि, पशुहानि और संपत्ति के नुकसान पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। साथ ही उन्होंने सभी जिलों के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत सामग्री, आर्थिक सहायता और आवश्यक मदद तुरंत उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि राहत कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और पूरी प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जाएगी।
सर्वे के बाद तुरंत मुआवजा देने के निर्देश

सीएम योगी ने अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने को कहा है और राजस्व विभाग, कृषि विभाग तथा बीमा कंपनियों को संयुक्त रूप से नुकसान का विस्तृत सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में जनहानि और संपत्ति के नुकसान का आकलन तुरंत किया जाए और रिपोर्ट शासन को भेजी जाए।

सर्वे पूरा होते ही पीड़ितों को बिना किसी देरी के मुआवजा जारी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द राहत मिल सके और वे सामान्य जीवन में लौट सकें।

विभिन्न जिलों में दर्ज हुई मौतों की संख्या

इस प्राकृतिक आपदा ने राज्य के कई जिलों को प्रभावित किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार भदोही में 18, प्रयागराज में 21, मिर्जापुर में 15, प्रतापगढ़ में 4, फतेहपुर में 10, बरेली में 4 लोगों की मौत हुई है। वहीं उन्नाव और बदायूं में 6-6, सीतापुर, रायबरेली और चंदौली में 2-2, कानपुर देहात, हरदोई और संभल में 2-2, कौशांबी और शाहजहांपुर में 1-1 तथा सोनभद्र और लखीमपुर में भी 1-1 व्यक्ति की जान गई है।

इन आंकड़ों से साफ है कि यह मौसमीय आपदा कई जिलों में व्यापक स्तर पर असर डाल गई है और राहत कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं।

तूफान ने मचाई तबाही, सड़कें अवरुद्ध और जनजीवन प्रभावित

बुधवार शाम आए अचानक तेज तूफान ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया। तेज हवाओं के कारण बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे कई मार्ग पूरी तरह बाधित हो गए। कई स्थानों पर कच्चे और अस्थायी मकान व झोपड़ियां भी ढह गईं, जिससे लोग दहशत में आ गए।

स्थिति इतनी भयावह थी कि लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए, लेकिन सुरक्षित स्थानों की कमी के कारण कई लोग समय पर खुद को बचा नहीं पाए। कुछ लोग पेड़ों के नीचे शरण लेने की कोशिश में थे, लेकिन पेड़ गिरने की वजह से वे उसकी चपेट में आ गए।

कई स्थानों पर सड़क पर चल रहे वाहन भी गिरते पेड़ों के नीचे दब गए, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। पेड़ गिरने के कारण कई मार्ग घंटों तक अवरुद्ध रहे और राहत टीमों को पहुंचने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।