लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। राज्य सरकार के निर्देश पर शुक्रवार को पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाया गया। जिला स्तर पर गठित प्रवर्तन टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में कुल 1,483 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की। जांच के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर चार एलपीजी वितरकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
अधिकारियों के अनुसार एलपीजी गैस की अवैध बिक्री और कालाबाजारी में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की गई है। इस मामले में 20 और एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि मौके से छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त 19 अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी अभियोजन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रदेशभर में चलाए गए इस अभियान के तहत शुक्रवार को कुल 1,483 स्थानों पर जांच और छापेमारी की गई। इस दौरान जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया गया, वहां तत्काल कार्रवाई की गई। अधिकारियों के मुताबिक 19 मामलों में अभियोजन दर्ज किया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियों को रोका जा सके।
राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और किसी भी तरह की समस्या का तुरंत समाधान करने के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में एक विशेष कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। यह कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय रहेगा और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति से जुड़ी सूचनाओं के आदान-प्रदान और निगरानी का काम करेगा। यहां खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों को तैनात किया गया है, ताकि किसी भी शिकायत या समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
इसके साथ ही विभाग के होम कंट्रोल रूम में भी अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। राज्य के विभिन्न जिलों में भी अलग-अलग कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जो स्थानीय स्तर पर आपूर्ति व्यवस्था पर नजर रखेंगे। प्रशासन का कहना है कि इन व्यवस्थाओं के माध्यम से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को प्रदेश में कार्यरत 4,108 एलपीजी वितरकों के जरिए उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुसार गैस सिलिंडरों की रिफिल डिलीवरी की गई। विभाग का कहना है कि वितरकों के पास एलपीजी सिलिंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आपूर्ति में किसी तरह की कमी नहीं है।
इसके अलावा भारत सरकार ने वाणिज्यिक गैस सिलिंडरों की कुल खपत के 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त आवंटन की अनुमति दी है। इससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी और वहां भी आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी। प्रशासन ने साफ किया है कि कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।