समाजवादी पार्टी के संस्थापक Mulayam Singh Yadav के बेटे और Akhilesh Yadav के सौतेले भाई प्रतीक यादव की मौत को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में उनकी मौत की वजह को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ है कि शरीर में खून का थक्का बनने की गंभीर समस्या के कारण उनकी जान गई।
रिपोर्ट के अनुसार, शरीर के निचले हिस्से में बना ब्लड क्लॉट ऊपर की ओर पहुंच गया था, जिससे फेफड़ों और धमनियों पर गंभीर असर पड़ा। इसके बाद संक्रमण बढ़ने लगा और अंततः कार्डियक अरेस्ट के चलते उनकी मौत हो गई। मेडिकल रिपोर्ट में इस स्थिति को बेहद गंभीर बताया गया है।
दिल और सांस की प्रक्रिया अचानक रुकने से हुई मौतपोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रतीक यादव की मौत कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स की वजह से हुई, यानी अचानक दिल और सांस की प्रक्रिया बंद हो गई थी। डॉक्टरों के अनुसार, इसका मुख्य कारण पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म था, जिसमें फेफड़ों की नसों में खून का थक्का जम जाता है और शरीर में ऑक्सीजन सप्लाई प्रभावित होने लगती है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि शरीर के भीतर पाए गए थ्रोम्बोएम्बोलिक पदार्थ को आगे की जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। हृदय और फेफड़ों से जुड़े नमूनों को फॉर्मेलिन में संरक्षित किया गया है ताकि हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच की जा सके। वहीं विसरा को केमिकल एनालिसिस के लिए संबंधित विभाग को सौंप दिया गया है।
चोट के निशानों को लेकर भी सामने आई जानकारीपोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि शरीर पर मिले चोट के सभी निशान एंटेमॉर्टेम थे, यानी ये चोटें मौत से पहले लगी थीं। हालांकि इन चोटों की प्रकृति और कारणों को लेकर आगे की जांच जारी है। मेडिकल टीम अब विस्तृत रिपोर्ट और लैब जांच के आधार पर अन्य पहलुओं का भी परीक्षण करेगी।
बुधवार सुबह अस्पताल लाए गए थे प्रतीक यादव38 वर्षीय प्रतीक यादव की बुधवार को लखनऊ में तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। तड़के उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई।
फिटनेस और बिजनेस की दुनिया में बनाई थी अलग पहचानराजनीतिक परिवार से जुड़े होने के बावजूद प्रतीक यादव ने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखी थी। उन्हें फिटनेस का काफी शौक था और वे बिजनेस गतिविधियों में ज्यादा सक्रिय रहते थे। उनकी पत्नी Aparna Yadav भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं।