लखनऊ से एक बार फिर सियासी बयानबाज़ी ने माहौल गर्म कर दिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने अखिलेश को अपना ‘दोस्त’ बताया था। अखिलेश यादव ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें ऐसे दोस्त की जरूरत नहीं है।
दरअसल, हाल ही में लोकसभा में महिलाओं के आरक्षण से जुड़े एक संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने हल्के अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा था, “अखिलेश जी मेरे दोस्त हैं, इसलिए वह कभी-कभी मेरी मदद कर देते हैं।” यह बयान उस समय आया था जब सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने प्रधानमंत्री के ओबीसी समुदाय से संबंध का जिक्र किया था।
“बताएं, मैंने कब और कैसे मदद की?”प्रधानमंत्री के इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यह एक अहम मुद्दा है, लेकिन संसद में उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं मिला क्योंकि उनका माइक बंद कर दिया गया था। अखिलेश ने कहा, “हमें ऐसे दोस्तों की जरूरत नहीं है। अगर प्रधानमंत्री यह कह रहे हैं कि मैंने उनकी मदद की है, तो उन्हें खुद बताना चाहिए कि वह कौन-सी मदद थी। मेरी जानकारी में ऐसा कुछ नहीं है।”
भाजपा पर साधा निशाना, दी चेतावनीइस दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा पर भी जोरदार हमला बोला। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जनता को सतर्क रहने की जरूरत है। उनके मुताबिक, जब भारतीय जनता पार्टी हार के करीब होती है, तो वह किसी भी हद तक जा सकती है। उन्होंने कहा, “मैं लोगों को सावधान करना चाहता हूं। जब बीजेपी को हार का डर सताता है, तो वह कुछ भी कर सकती है। अब वह उसी स्थिति में पहुंच रही है।”
अखिलेश ने यह भी दावा किया कि भाजपा लगातार कमजोर हो रही है और आने वाले समय में सत्ता से बाहर हो सकती है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी एक बार सत्ता से गई, तो उसके लिए वापसी आसान नहीं होगी। सपा प्रमुख के इन बयानों से उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है और अब सभी की नजरें भाजपा की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।