लखनऊः पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना को लेकर सामने आई राजनीतिक उठापटक के बीच अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया है कि समाजवादी पार्टी के भीतर भी बड़ी राजनीतिक हलचल देखने को मिल सकती है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में नई बहस शुरू हो गई है।
ओपी राजभर ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर एक पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि समाजवादी पार्टी में जल्द ही बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हो सकता है। उन्होंने लिखा, समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होगी। राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को चिट्ठी सौंपी है। राजभर के इस दावे के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि खबर लिखे जाने तक समाजवादी पार्टी की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
सपा पर साधा निशाना, लगाए गंभीर आरोपओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में हुए चर्चित मामलों और कथित घोटालों को लेकर जनता सब कुछ जानती है। उन्होंने कहा कि खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट परियोजना से जुड़े मामलों में किसकी भूमिका रही, यह उत्तर प्रदेश के लोग भलीभांति जानते हैं। राजभर का कहना था कि जैसे-जैसे जांच एजेंसियों का दबाव बढ़ रहा है, वैसे-वैसे समाजवादी पार्टी की बेचैनी भी बढ़ती दिखाई दे रही है।
उन्होंने आगे कहा कि केवल कुछ नेताओं की बात नहीं है, बल्कि पूरी समाजवादी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के साथ जाने की स्थिति में दिखाई दे रही है। राजभर ने दावा किया कि पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और आने वाले समय में इसका असर खुलकर सामने आ सकता है।
सांसदों के टूटने का भी किया दावाओपी राजभर के एक्स पोस्ट के बाद उनका एक वीडियो बयान भी सामने आया, जिसमें उन्होंने अपने दावों को और विस्तार से रखा। वीडियो में उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने कथित तौर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को एक गोपनीय पत्र सौंपा है। राजभर ने दावा किया कि पत्र सौंपने के बाद राम गोपाल यादव मुस्कराते हुए वहां से चले गए।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के साथ जो राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिले, वैसी ही स्थिति उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के साथ भी बन सकती है। राजभर के अनुसार, संभव है कि उस कथित पत्र में उन सांसदों के नाम शामिल हों, जो भविष्य में पार्टी से अलग होने का फैसला कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि समाजवादी पार्टी के कई सांसद पार्टी छोड़ सकते हैं और उनमें से बड़ी संख्या भारतीय जनता पार्टी के साथ जा सकती है। हालांकि उनके इस दावे के समर्थन में कोई सार्वजनिक दस्तावेज या आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
ब्राह्मण सम्मेलन को लेकर अखिलेश यादव पर तंजसमाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित किए जा रहे ब्राह्मण सम्मेलन को लेकर भी ओपी राजभर ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारतीय सामाजिक व्यवस्था में ब्राह्मणों को विद्वान वर्ग माना जाता है और अब अखिलेश यादव उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग स्वयं को ब्राह्मणों का हितैषी बता रहे हैं, उन्हें पहले अपने राजनीतिक व्यवहार पर भी नजर डालनी चाहिए।
उन्होंने इटावा में कथावाचक विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान अखिलेश यादव ने बयान दिया था कि यादव समाज का व्यक्ति भी कथा वाचन कर सकता है। राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी के ब्राह्मण सम्मेलन में वास्तविक ब्राह्मणों से ज्यादा यादव समुदाय के लोग दिखाई देंगे।
उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह पहले कुछ राजनीतिक दल अपनी बैठकों में विशेष पहचान वाले कार्यकर्ताओं को आगे बैठाते थे, उसी तरह समाजवादी पार्टी भी अपने समर्थकों को ब्राह्मण सम्मेलन में प्रमुखता से शामिल करती नजर आ सकती है। उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।
टीएमसी और शिवसेना के बाद अब सपा पर नजरेंगौरतलब है कि हाल के दिनों में कई राज्यों की राजनीति में दल-बदल और आंतरिक असंतोष की खबरें सुर्खियों में रही हैं। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर राजनीतिक हलचल की चर्चाएं सामने आई थीं। वहीं महाराष्ट्र में भी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) को लेकर लगातार अटकलों का दौर जारी है।
सूत्रों के हवाले से ऐसी खबरें भी सामने आई हैं कि शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों ने अपनी अलग राय जाहिर की है और इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर एक हस्ताक्षरयुक्त पत्र भी सौंपा गया है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है।
इसी पृष्ठभूमि में ओपी राजभर का समाजवादी पार्टी को लेकर दिया गया बयान राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि समाजवादी पार्टी इन दावों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।