उत्तर प्रदेश के कानपुर में गुरुवार को अदालत परिसर उस समय दहल उठा जब 24 वर्षीय एक युवा वकील ने कोर्ट भवन की पांचवीं मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। यह घटना कानपुर कोर्ट परिसर में हुई, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। बताया जा रहा है कि आत्महत्या से पहले वकील ने दो पन्नों का सुसाइड नोट लिखकर उसे अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर साझा किया था। नोट में उसने अपने जीवन की पीड़ा और मानसिक तनाव का जिक्र करते हुए लिखा कि अब उसके लिए जिंदगी इस तरह जीना असहनीय हो गया है।
घटना के बाद कोर्ट परिसर में मचा हड़कंपपुलिस के अनुसार, मृतक वकील की पहचान प्रियांशु श्रीवास्तव के रूप में हुई है, जिसने अदालत भवन से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के तुरंत बाद उसे गंभीर हालत में उर्सुला हॉर्समैन मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में अधिवक्ता और लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने क्षेत्र को घेर लिया और जांच शुरू कर दी।
दो पन्नों के सुसाइड नोट में बयां किया दर्दindiatv की खबर के अनुसार, प्रियांशु ने आत्महत्या से कुछ समय पहले अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर दो पन्नों का विस्तृत सुसाइड नोट साझा किया था। इसमें उसने लिखा कि वह अपने पूरे होश में और बिना किसी दबाव के यह कदम उठा रहा है। उसने खुद को कानपुर का निवासी बताते हुए अपनी शिक्षा और वकालत से जुड़ी जानकारी भी साझा की। उसने बताया कि वह वर्ष 2025 में लॉ की पढ़ाई पूरी कर चुका था, लेकिन पंजीकरण प्रक्रिया पूरी न हो पाने के कारण प्रैक्टिस शुरू नहीं कर सका।
नोट में उसने अपने बचपन से जुड़े दर्दनाक अनुभवों का भी उल्लेख किया। उसने लिखा कि छोटी उम्र से ही उसे कठोर व्यवहार और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा, जिसने उसके मानसिक स्वास्थ्य को गहराई से प्रभावित किया। अपने संदेश में उसने यह भी लिखा कि लगातार मानसिक प्रताड़ना ने उसे इस हद तक पहुंचा दिया कि अब उसे जीवन बोझ लगने लगा है।
परिवार और दोस्तों को भी भेजा गया नोट, जांच में जुटी पुलिसपुलिस के अनुसार, प्रियांशु ने सुसाइड नोट लिखने के बाद इसे अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर लगाने के साथ-साथ अपने पिता और कुछ दोस्तों को भी भेजा था। लेकिन जब तक परिवार और परिचितों को इसकी जानकारी मिलती, तब तक वह यह खौफनाक कदम उठा चुका था। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
फिलहाल पुलिस ने मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और सुसाइड नोट सहित सभी डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। साथ ही अदालत परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की स्पष्ट जानकारी मिल सके।