अयोध्या में रामलला का तीसरा जन्मोत्सव आज, 5 मिनट तक होगा ‘सूर्य तिलक’ का अभिषेक

अयोध्या। श्रीराम के तीसरे जन्मोत्सव को लेकर रामनगरी पूरी तरह उत्साह और उल्लास में डूबी हुई है। देश-विदेश से श्रद्धालु इस अवसर पर रामलला के दर्शन और उत्सव में भाग लेने अयोध्या पहुंचे हैं। पूरा नगर आज राम जन्मोत्सव की खुशियों में सराबोर नजर आ रहा है।

राम मंदिर और सम्पूर्ण रामजन्मभूमि परिसर इस अवसर पर अत्यंत दिव्य और भव्य दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को दोपहर 12 बजे रघुकुल में रामलला के जन्म के साथ ही यह उल्लास अपने चरम पर होगा। जन्मोत्सव से जुड़ी सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं।

सूर्य तिलक: विशेष दृश्य

जन्मोत्सव के दौरान ठीक 12 बजे सूर्य की किरणें चार से पांच मिनट तक रामलला के ललाट पर अभिषेक करेंगी। इस विशेष ‘सूर्य तिलक’ का परीक्षण पहले ही कर लिया गया है। इस बार दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए दर्शन की अवधि भी बढ़ा दी गई है।

चैत्र शुक्ल नवमी, संवत् 2083 तदनुसार 27 मार्च को रामलला का तीसरा जन्मोत्सव दिव्य भव्य राम मंदिर में आयोजित होगा। मंदिर को सुंदर सजावट से संवार दिया गया है, और श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
सुविधाएं और सुरक्षा प्रबंध

सुदूर इलाकों से आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए पूरे रामजन्मभूमि परिसर और दर्शन मार्ग पर कालीन बिछाई गई है। रामपथ, भक्तिपथ और धर्मपथ पर मैटिंग की गई है।

पेयजल, चिकित्सा सुविधा और शौचालय जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं भी पर्याप्त रूप से की गई हैं। रामपथ के साथ-साथ सरयू घाट, राम की पैड़ी, कनक भवन और हनुमानगढ़ी पर भी सुरक्षा बैरीकेडिंग की गई है। मुख्य प्रवेश द्वार और अंगद टीला परिसर में पंडाल बनवाए गए हैं।

सद्गुणी और सुरक्षा दृष्टि से श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दर्शन अवधि सुबह और शाम मिलाकर लगभग तीन घंटे बढ़ा दी है। भक्त सुबह 5 बजे से प्रवेश कर सकेंगे, और 5:20 बजे से दर्शन प्रारंभ होंगे। मंदिर रात्रि 11 बजे तक खुला रहेगा। इस बार ट्रैफिक प्रबंधन के तहत चारपहिया वाहनों का प्रवेश रोका गया है।

उत्सव की रूपरेखा

जन्मोत्सव की शुरुआत शुक्रवार सुबह 9 बजे रामलला के पंचामृत से महाअभिषेक से होगी, जो लगभग 11 बजे तक चलेगा। भोर में मंगला और श्रृंगार आरती निश्चित समय पर होगी।

इसके बाद जन्मोत्सव के मुख्य आयोजन होंगे, जिसमें पीतवस्त्र धारण कर रामलला का भव्य श्रृंगार किया जाएगा। ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्र के अनुसार सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक गर्भगृह खुला रहेगा, और भक्त श्रृंगार का दर्शन कर सकेंगे।

पूर्वाह्न 11:45 बजे छप्पन भोग का आयोजन होगा, इसके बाद दोपहर 12 बजे रामलला का जन्म और पूजन-अर्चन व आरती संपन्न होगी। इस अवसर पर सूर्यदेव रामलला के ललाट पर तिलक करेंगे। जन्मोत्सव के समस्त कार्यक्रम का सीधा प्रसारण टेलीविजन और अन्य माध्यमों पर भी किया जाएगा।