अयोध्या दौरे पर CM योगी, रामायण वैक्स म्यूजियम का करेंगे उद्घाटन; धार्मिक और विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार, 19 जून को अयोध्या के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे। अपने इस कार्यक्रम के दौरान वह धार्मिक, सांस्कृतिक और विकास से जुड़े कई अहम आयोजनों में भाग लेंगे। रामनगरी में मुख्यमंत्री का दिन बेहद व्यस्त रहने वाला है, जहां वे जैन धर्म के एक प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने से लेकर रामायण आधारित वैक्स म्यूजियम का उद्घाटन और विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे।

मुख्यमंत्री के दौरे को अयोध्या के धार्मिक और पर्यटन विकास के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके कार्यक्रमों में श्री ऋषभ देव दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव, महंत नृत्य गोपालदास के जन्मोत्सव समारोह में सहभागिता, रामायण वैक्स म्यूजियम का उद्घाटन तथा नगर निगम की कई परियोजनाओं का शुभारंभ शामिल है।

जैन समाज के प्रमुख धार्मिक आयोजन में होंगे शामिल


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर करीब 3:30 बजे श्री ऋषभ देव दिगंबर जैन मंदिर पहुंचेंगे, जहां वे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में भाग लेंगे। जैन परंपरा में इस महोत्सव को अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। यह आयोजन तीर्थंकरों के जीवन से जुड़े पांच प्रमुख चरणों—गर्भ कल्याणक, जन्म कल्याणक, तप कल्याणक, केवलज्ञान कल्याणक और मोक्ष कल्याणक—की स्मृति में आयोजित किया जाता है।

इस अवसर पर देशभर से बड़ी संख्या में जैन संत, धर्माचार्य और श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अयोध्या का जैन धर्म से भी विशेष संबंध रहा है, क्योंकि कई तीर्थंकरों का जन्म इस पावन नगरी में हुआ माना जाता है। ऐसे में मुख्यमंत्री की उपस्थिति इस आयोजन को और अधिक महत्व प्रदान करेगी।
महंत नृत्य गोपालदास के जन्मोत्सव में भी होंगे शामिल

अपने दौरे के अगले चरण में मुख्यमंत्री शाम करीब 4:20 बजे महंत नृत्य गोपालदास के जन्मोत्सव समारोह में शामिल होंगे। महंत नृत्य गोपालदास को रामजन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख चेहरों में गिना जाता है और उन्होंने लंबे समय तक इस आंदोलन का नेतृत्व किया है।

वर्तमान में वह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। जन्मोत्सव कार्यक्रम में विभिन्न संत-महंतों, धार्मिक नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रहने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस अवसर पर उन्हें शुभकामनाएं देंगे और कार्यक्रम को संबोधित कर सकते हैं।

रामायण काल की झलक दिखाएगा वैक्स म्यूजियम

शाम करीब 5:10 बजे मुख्यमंत्री कांशीराम कॉलोनी के निकट निर्मित रामायण वैक्स म्यूजियम का लोकार्पण करेंगे। लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया यह म्यूजियम अयोध्या के पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस संग्रहालय में रामायण के विभिन्न प्रसंगों को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान और रामायण के अन्य प्रमुख पात्रों की जीवंत मोम प्रतिमाएं यहां स्थापित की गई हैं। आधुनिक तकनीक और कलात्मक प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों को रामायण काल की घटनाओं का अनुभव कराने का प्रयास किया गया है।

पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यह वैक्स म्यूजियम देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बन सकता है।

विकास परियोजनाओं का भी होगा शुभारंभ

रामायण वैक्स म्यूजियम के उद्घाटन के साथ-साथ मुख्यमंत्री अयोध्या नगर निगम की कई विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

अयोध्या में तेजी से बढ़ रहे धार्मिक पर्यटन को ध्यान में रखते हुए सरकार लगातार सड़क, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम उसी विकास अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।

रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना भी करेंगे

अयोध्या प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीराम जन्मभूमि परिसर पहुंचकर रामलला के दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना भी करेंगे। उनके इस कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी प्रकरण की एसआईटी जांच जारी होने के कारण प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। बताया जा रहा है कि किसी प्रकार का गलत संदेश न जाए, इसे ध्यान में रखते हुए कुछ व्यवस्थागत निर्देश भी जारी किए गए हैं। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक संरक्षण और विकास कार्यों के संतुलित समन्वय के रूप में देखा जा रहा है, जिससे अयोध्या को एक बार फिर नई सौगात मिलने जा रही है।