अखिलेश यादव का केंद्र और योगी सरकार पर प्रहार, कहा- 'अगर अवसर मिलता तो POK भी होता भारत का हिस्सा'

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और आतंकी हमलों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर तीखा वार किया। उन्होंने सेना के साहस को सलाम किया लेकिन साथ ही सरकार की रणनीतियों पर गंभीर सवाल भी खड़े किए।

ऑपरेशन सिंदूर पर समर्थन और सवाल

दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में अखिलेश यादव ने 'ऑपरेशन सिंदूर' में सेना की वीरता की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा, हम भारतीय सेना की बहादुरी के मुरीद हैं। अगर उन्हें और अवसर मिलता, तो संभवतः पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भी भारत का हिस्सा होता। उन्होंने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले का हवाला देते हुए कहा कि इससे पहले भी एक घटना घटी थी, लेकिन जनता को अंधेरे में रखा गया। उन्होंने केंद्र से यह सवाल पूछा कि आतंकी घटनाएं आखिर बीजेपी सरकार में इतनी बार क्यों हो रही हैं? और अभी तक पहलगाम हमले के दोषी कहां हैं?

कांग्रेस और चिदंबरम का बचाव

पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम द्वारा ऑपरेशन सिंदूर पर उठाए गए सवालों का समर्थन करते हुए अखिलेश ने कहा, “कांग्रेस भी लंबे समय तक सत्ता में रही है, उनके पास संवेदनशील जानकारियाँ होंगी। अगर वे सवाल कर रहे हैं, तो सरकार को जवाब देना चाहिए। जनता को हक है जानने का।”

योगी सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर हमला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला करते हुए अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री प्रशासन में रुचि नहीं लेते। राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बदतर है और आतंकी घटनाओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

विदेश नीति को बताया विफल

अखिलेश ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत की कूटनीति पूरी तरह असफल रही है। आज वैश्विक मंच पर हमारे साथ कोई भी देश मजबूती से खड़ा नहीं है। उन्होंने पाकिस्तान के खतरे को रेखांकित करते हुए कहा कि “पाकिस्तान से खतरा है, लेकिन चीन भारत के लिए उससे कहीं अधिक गंभीर खतरा है।” अखिलेश ने केंद्र से आग्रह किया कि अगले दस वर्षों तक भारत में चीनी वस्तुओं का बहिष्कार किया जाए और स्वदेशी को अपनाया जाए।

‘नमाजवादी’ टिप्पणी पर पलटवार

बीजेपी सांसद द्वारा समाजवादी पार्टी को ‘नमाजवादी’ कहे जाने पर अखिलेश ने व्यंग्यात्मक लहजे में पलटवार किया। उन्होंने कहा, “बीजेपी के पहले अध्यक्ष के पांच प्रस्तावक ही नमाजवादी थे। बीजेपी सिर्फ सांप्रदायिक राजनीति को बढ़ावा दे रही है, जिससे देश को नुकसान हो रहा है।”

आतंकवाद पर ठोस रणनीति की मांग

अंत में अखिलेश ने केंद्र सरकार से देश की सुरक्षा को लेकर ठोस नीति बनाने की मांग की और कहा कि पहलगाम जैसे हमलों के जिम्मेदारों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए, ताकि देश की जनता को भरोसा मिले कि उनकी सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।