उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिल्हौर कस्बे में एक मामूली विवाद ने बेहद डरावना रूप ले लिया। महज कुछ रुपयों के झगड़े ने ऐसी हिंसक घटना को जन्म दिया कि हर कोई हैरान रह गया। बताया जा रहा है कि सिर्फ सिगरेट के पैसों को लेकर हुए विवाद में एक युवक ने दुकानदार पर हमला कर दिया और गुस्से में उसकी उंगली को दांतों से काटकर अलग कर दिया।
रविवार सुबह हुई इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को भागने नहीं दिया और उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना के बाद से इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
सिगरेट के पैसे को लेकर शुरू हुआ विवादमिली जानकारी के मुताबिक, बिल्हौर के गोल मार्केट के सामने रहने वाला दीपू, जो महाराणा प्रताप नगर का निवासी है, अंडे और बेकरी की एक छोटी दुकान चलाता है। रविवार सुबह एक युवक उसकी दुकान पर सिगरेट खरीदने आया।
सिगरेट पीने के बाद जब भुगतान की बात आई तो युवक ने पूरी कीमत देने से इंकार कर दिया। जहां सिगरेट की कीमत 7 रुपये थी, वहीं वह केवल 5 रुपये ही देने की जिद करने लगा। दुकानदार दीपू ने जब बाकी पैसे मांगे, तो दोनों के बीच बहस शुरू हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
बहस के बाद हुई हाथापाईबताया जा रहा है कि कुछ समय बाद वही युवक फिर से दुकान पर पहुंच गया और दोबारा गाली-गलौज करने लगा। देखते ही देखते मामला और बिगड़ गया और दोनों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
इसी दौरान आरोपी ने अचानक बेहद क्रूर हरकत करते हुए दुकानदार के बाएं हाथ की उंगली को अपने दांतों से जोर से काट लिया। काटने की ताकत इतनी ज्यादा थी कि उंगली का हिस्सा अलग होकर जमीन पर गिर पड़ा।
गंभीर रूप से घायल हुआ दुकानदारउंगली कटते ही दुकानदार दीपू दर्द से चिल्लाने लगा और उसका हाथ खून से लथपथ हो गया। आसपास मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने जब उसकी चीखें सुनीं तो तुरंत मौके पर पहुंच गए।
लोगों ने आरोपी युवक को भागने की कोशिश करते देख लिया और घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। बाद में स्थानीय लोगों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस ने आरोपी को लिया हिरासत मेंघटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल दुकानदार को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया गया। वहीं आरोपी युवक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और पीड़ित की शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटी-सी बात भी किस तरह हिंसा का रूप ले सकती है।