मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भी अमेरिका और इजरायल द्वारा तेहरान पर हमले जारी बताए जा रहे हैं। इस बीच ईरान के वरिष्ठ नेता और सुरक्षा मामलों से जुड़े प्रमुख चेहरों में से एक अली लारीजानी ने कड़ा बयान देते हुए कहा है कि ईरान अपने नेता की मौत का बदला जरूर लेगा।
लारीजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या का जवाब दिया जाएगा और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उनके इस बयान के बाद अमेरिका और ईरान के बीच पहले से जारी तनाव और भी तेज हो गया है।
ट्रंप को नहीं छोड़ेगा ईरान – लारीजानीमध्य पूर्व में अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते टकराव के बीच लारीजानी का बयान काफी चर्चा में है। उन्होंने ईरानी सरकारी टेलीविजन से बातचीत करते हुए कहा कि ईरान अपने नेता के खून को व्यर्थ नहीं जाने देगा।
उन्होंने कहा कि ईरान इस मामले को कभी नहीं भूलेगा और ट्रंप को इसके परिणाम भुगतने होंगे। लारीजानी ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान ट्रंप को माफ नहीं करेगा और उन्हें उनके फैसलों की सजा मिलेगी।
युद्ध जल्द खत्म नहीं होगा – लारीजानीलारीजानी ने आगे कहा कि मौजूदा हालात में यह संघर्ष जल्दी समाप्त होने वाला नहीं है। उन्होंने ट्रंप की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि शायद अमेरिकी राष्ट्रपति को लगा होगा कि वेनेजुएला की तरह ईरान में भी हालात को आसानी से नियंत्रित कर लेंगे, लेकिन अब स्थिति उनके हाथ से निकल चुकी है।
उन्होंने दावा किया कि ईरान इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है और अपने नेता की हत्या का जवाब जरूर देगा। उनके मुताबिक, ईरान के लिए यह सिर्फ राजनीतिक मामला नहीं बल्कि राष्ट्रीय सम्मान और न्याय का सवाल बन चुका है।
‘ईरान पीछे नहीं हटेगा’लारीजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस मुद्दे को लेकर एक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा कि उनके देश ने अपने सर्वोच्च नेता को खो दिया है और इस संघर्ष में हजार से अधिक ईरानी नागरिकों की जान जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ईरान तब तक शांत नहीं बैठेगा जब तक इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों से बदला नहीं ले लिया जाता। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक ईरान संघर्ष जारी रखेगा।
ट्रंप ने बयान को किया खारिजदूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लारीजानी की चेतावनी को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की परवाह नहीं है कि ईरानी नेता क्या कह रहे हैं।
सीबीएस न्यूज से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्हें यह भी नहीं पता कि वह अधिकारी कौन है और उसकी बातों का कोई महत्व नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी धमकियों से अमेरिका डरने वाला नहीं है।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान पहले ही कमजोर स्थिति में है और उनके मुताबिक इस टकराव में ईरानी नेतृत्व को ही नुकसान उठाना पड़ा है।