तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद राज्य का राजनीतिक माहौल लगातार तनावपूर्ण होता जा रहा है। किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत हासिल नहीं हुआ है, जिससे सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इस बीच सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के प्रमुख विजय को सरकार बनाने का आमंत्रण नहीं मिलने पर राजनीतिक विवाद और गहरा गया है। इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को चेन्नई स्थित लोक भवन के बाहर TVK कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया।
TVK समर्थकों का आक्रोश और खुली चेतावनीराज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर द्वारा TVK को पहले बहुमत साबित करने का निर्देश दिए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है। इसी के विरोध में शुक्रवार को बड़ी संख्या में TVK समर्थक लोक भवन के बाहर एकत्र हुए और सरकार गठन का दावा करते हुए विजय को तुरंत आमंत्रित करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी गरम हो गया। एक कार्यकर्ता सुरेश ने खुली चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विजय को मुख्यमंत्री पद के लिए आमंत्रित नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और भी व्यापक स्तर पर किया जाएगा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया।
इसी बीच TVK कार्यकर्ताओं ने कुड्डालोर जिले के मंजकुप्पम क्षेत्र स्थित सलक्कराई मरियम्मन मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना भी की। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान विजय के तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनने की कामना की गई।
कांग्रेस का समर्थन और केंद्र पर निशानाइस राजनीतिक विवाद के बीच तमिलनाडु कांग्रेस ने भी TVK के समर्थन में आवाज उठाई है। पार्टी ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद TVK को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित न करना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन भी किया और TVK को अपना समर्थन देने की घोषणा की।
बहुमत का गणित: अभी भी छह सीटों की दूरी
TVK फिलहाल सरकार बनाने के लिए आवश्यक समर्थन जुटाने की कोशिशों में जुटी हुई है।
कुल विधानसभा सीटें: 234
बहुमत का आंकड़ा: 118
वर्तमान स्थिति के अनुसार TVK और कांग्रेस के पांच विधायकों के समर्थन को मिलाकर गठबंधन का आंकड़ा 112 तक पहुंचता है। हालांकि, सरकार बनाने के लिए पार्टी अभी भी आवश्यक बहुमत से 6 सीटें पीछे है, जिससे राजनीतिक समीकरण और पेचीदा बने हुए हैं।
राज्यपाल की सख्ती और स्पष्टता की मांगगुरुवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने TVK प्रमुख विजय को लोक भवन बुलाकर स्थिति पर चर्चा की थी। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार गठन के लिए जरूरी बहुमत अभी प्रमाणित नहीं हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल ने ‘जादुई आंकड़े’ को लेकर भी स्पष्ट विवरण मांगा है। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि TVK की ओर से जिन विधायकों के समर्थन का दावा किया जा रहा है, उनका पूरा और विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया जाए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
AIADMK का तंज और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपइस पूरे घटनाक्रम के बीच विपक्षी दल AIADMK ने भी टिप्पणी करते हुए TVK और कांग्रेस गठबंधन पर निशाना साधा है। AIADMK के राष्ट्रीय प्रवक्ता कोवई सत्यन ने कहा कि TVK खुद यह स्वीकार कर चुकी है कि उनके पास 108 सीटों का आधार है और अतिरिक्त पांच विधायकों का समर्थन भी है। ऐसे में राज्यपाल का यह सवाल उठाना स्वाभाविक है कि बाकी समर्थन कहां से आ रहा है।
दूसरी ओर TVK नेताओं ने राज्यपाल की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि सरकार गठन की प्रक्रिया को जानबूझकर प्रभावित किया जा रहा है और यह सब केंद्र की सत्ताधारी पार्टी BJP के इशारे पर हो रहा है। TVK नेताओं ने इसे संवैधानिक प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश बताया है।
समर्थन जुटाने की कोशिशें तेज, CPI और VCK पर नजरबहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए TVK लगातार अन्य दलों से संपर्क साध रही है। इसी क्रम में पार्टी के संयुक्त महासचिव सीटीआर निर्मल कुमार ने चेन्नई में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के नेताओं से मुलाकात की।
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि VCK और CPI दोनों ही दल इस मुद्दे पर अपनी-अपनी आंतरिक बैठकों में विचार करेंगे और उसके बाद ही अंतिम निर्णय सामने आएगा।
गौरतलब है कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में CPI और VCK दोनों ने दो-दो सीटें जीती हैं। यदि इन दोनों दलों का समर्थन TVK को मिल जाता है, तो पार्टी बहुमत के बेहद करीब पहुंच सकती है और सरकार गठन की संभावनाएं और मजबूत हो सकती हैं।