बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के शुरुआती नतीजों ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। मतगणना के दौरान सामने आए रुझानों में जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने 15 हजार से अधिक वोटों की मजबूत बढ़त बना ली है। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा दूसरे स्थान पर और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की प्रत्याशी रेखा कुमारी तीसरे स्थान पर चल रही हैं। शुरुआती रुझानों में मिली इस बढ़त के बाद प्रशांत किशोर ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी पहली प्रतिक्रिया दी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधा।
'यह किसी व्यक्ति से नहीं, व्यवस्था से जुड़ी लड़ाई है'मीडिया से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी राजनीतिक लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और नेताओं के कामकाज तथा छवि का आकलन खुद कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि उनका राजनीतिक चरित्र जनता के सामने है और अब बिहार को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो राज्य के विकास को प्राथमिकता दे सके।
प्रशांत किशोर ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में बेहतर विकल्प प्रस्तुत करना है। उन्होंने दोहराया कि राज्य की तरक्की के लिए सक्षम और दूरदर्शी नेतृत्व की आवश्यकता है, जिससे विकास कार्यों को गति मिल सके।
जीत के बाद क्या होगी पहली प्राथमिकता?जब प्रशांत किशोर से पूछा गया कि यदि वह बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज करते हैं तो सबसे पहला काम क्या करेंगे, तो उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता क्षेत्र के विकास और मूलभूत सुविधाओं में सुधार होगी।
उन्होंने कहा, मेरी ओर से जो भी संभव होगा, मैं बांकीपुर के विकास के लिए पूरी कोशिश करूंगा। आने वाले कुछ महीनों में लोगों को बदलाव महसूस होने लगेगा। मैं यह दावा नहीं कर रहा कि बांकीपुर को रातों-रात बेंगलुरु बना दूंगा, लेकिन इतना जरूर कह सकता हूं कि यहां सुधार की शुरुआत लोगों को साफ दिखाई देगी।
प्रशांत किशोर ने कहा कि जनता ने बदलाव की उम्मीद के साथ उनका समर्थन किया है और वह उस भरोसे पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि लोगों का सहयोग मिलता रहा तो क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं, विकास कार्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। शुरुआती रुझानों के बीच उनका यह बयान अब बिहार की राजनीतिक चर्चा का अहम विषय बन गया है।