तमिलनाडु की राजनीति और भाजपा संगठन में मंगलवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब राज्य के पूर्व भाजपा अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से औपचारिक रूप से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना पांच पन्नों का विस्तृत त्यागपत्र भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को सौंपा, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई।
इस्तीफा देने के तुरंत बाद अन्नामलाई ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद वे चेन्नई के लिए रवाना हो गए। उनके इस कदम को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस्तीफे से पहले अन्नामलाई की बातचीत भाजपा संगठन महासचिव बी.एल. संतोष और नितिन नवीन के साथ हुई थी। बताया जा रहा है कि यह बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई, जहां अन्नामलाई ने स्पष्ट रूप से पार्टी से अलग होने की इच्छा व्यक्त की और कहा कि वह अब अपने राजनीतिक जीवन को नई दिशा देना चाहते हैं।
पार्टी से जुड़े सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि भाजपा नेतृत्व की ओर से उन्हें रोकने की पूरी कोशिश की गई थी। अन्नामलाई को संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने पर भी विचार किया जा रहा था ताकि उन्हें पार्टी में बनाए रखा जा सके।
यह भी सामने आया है कि उन्हें फिलहाल दिल्ली छोड़ने से बचने और अगले निर्देशों का इंतजार करने की सलाह दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने निर्णय पर कायम रहते हुए इस्तीफा सौंप दिया। उनके इस फैसले के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि अन्नामलाई आगे किस राजनीतिक या सामाजिक भूमिका में नजर आएंगे।