जयपुर। हरियाणा और राजस्थान के बीच यमुना नदी के जल बंटवारे को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद आखिरकार समाप्त हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में दोनों राज्यों के बीच यमुना जल परियोजना से संबंधित एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत हरियाणा मानसून के दौरान भूमिगत पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से राजस्थान को पेयजल उपलब्ध कराएगा। इस पहल का उद्देश्य विशेष रूप से जल संकट से जूझ रहे राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों तक स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल पहुंचाना है।
सरकार के अनुसार भूमिगत पाइपलाइन व्यवस्था के जरिए जल आपूर्ति होने से लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर शेखावाटी अंचल के चूरू, झुंझुनूं, सीकर सहित आसपास के जिलों को इस परियोजना का सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। पेयजल के साथ-साथ कृषि और सिंचाई व्यवस्था को भी इससे मजबूती मिलने की उम्मीद है। समझौते के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और मंत्रियों ने इसे राजस्थान के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों की सराहना की।
जोगाराम पटेल बोले- वर्षों की प्रतीक्षा अब हुई समाप्तराजस्थान सरकार में मंत्री जोगाराम पटेल ने इस समझौते को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के लगातार प्रयासों और केंद्र सरकार के सहयोग से राजस्थान को पेयजल के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और हरियाणा सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह समझौता आने वाले समय में प्रदेश के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित इस मुद्दे का समाधान निकालना आसान नहीं था, लेकिन सभी पक्षों के समन्वय और गंभीर प्रयासों से अब यह संभव हो पाया है। उनके अनुसार यह समझौता जल संकट झेल रहे क्षेत्रों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है।
सी.पी. जोशी ने कहा- जो असंभव माना जाता था, वह अब साकार हुआभाजपा सांसद सी.पी. जोशी ने समझौते पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि जिस कार्य को वर्षों तक केवल चर्चा का विषय माना जाता रहा, उसे अब वास्तविकता में बदल दिया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि राजस्थान की जनता लंबे समय से इस फैसले की प्रतीक्षा कर रही थी।
उन्होंने कहा कि यह समझौता परिणाम देने वाली राजनीति का उदाहरण है, जहां केवल घोषणाएं नहीं बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने का काम भी किया गया। उनके अनुसार आने वाले वर्षों में यह परियोजना विशेष रूप से शेखावाटी क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी साबित होगी और वहां की पेयजल समस्या को काफी हद तक दूर करेगी।
कांग्रेस पर भी साधा निशानासी.पी. जोशी ने इस दौरान कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारें केवल वादों और घोषणाओं तक सीमित रहीं, जबकि वर्तमान सरकार ने ठोस परिणाम देकर दिखाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिल्ली दौरों को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा, लेकिन हर बार वे राजस्थान के हित में कोई न कोई महत्वपूर्ण उपलब्धि लेकर लौटे हैं।
उनके अनुसार यह समझौता साबित करता है कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्षों से लंबित मुद्दों का समाधान भी कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इसका लाभ आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचेगा।
अविनाश गहलोत ने बताया भाजपा के वादे पूरे होने का प्रमाणराजस्थान सरकार में मंत्री अविनाश गहलोत ने भी यमुना जल समझौते को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने जो वादे जनता से किए थे, उन्हें अब चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। उनके अनुसार यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
उन्होंने बताया कि इस दिशा में पिछले करीब ढाई वर्षों से लगातार प्रयास किए जा रहे थे। वर्ष 2024 में प्रारंभिक समझौते के बाद अब इसे अंतिम रूप मिलने से लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि शेखावाटी क्षेत्र के लोगों को न केवल पर्याप्त पेयजल उपलब्ध होगा, बल्कि सिंचाई व्यवस्था में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा, जिससे कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।
विपक्ष को उपलब्धि का स्वागत करना चाहिएअविनाश गहलोत ने विपक्ष पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार जब भी कोई बड़ा निर्णय लेती है, विपक्ष उसकी आलोचना शुरू कर देता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन ऐसे फैसलों का स्वागत किया जाना चाहिए, जिनसे प्रदेश की जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिलने वाला हो।
उन्होंने कहा कि करीब 32 वर्षों से लंबित पड़े इस विषय का समाधान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में संभव हो पाया है। उनके अनुसार आने वाले वर्षों में राजस्थान में जल प्रबंधन और पेयजल उपलब्धता के क्षेत्र में इस समझौते को एक मील का पत्थर माना जाएगा तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का नाम इस ऐतिहासिक पहल के लिए विशेष रूप से याद किया जाएगा।
मंत्री मदन दिलावर ने समझौते को बताया विपक्ष के लिए जवाबराजस्थान सरकार के मंत्री मदन दिलावर ने यमुना जल समझौते को प्रदेश के हित में एक बड़ा और निर्णायक कदम बताते हुए कहा कि इससे उन लोगों को करारा जवाब मिला है, जो इस परियोजना को लेकर लगातार सवाल उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा से राजस्थान तक यमुना का पानी पहुंचने का मार्ग प्रशस्त होने से लाखों किसानों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। उनके अनुसार यह केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि राजस्थान के विकास और जल सुरक्षा की दिशा में शुरू हुआ एक नया अध्याय है।
शेखावाटी के लिए मील का पत्थर साबित होगा समझौता: के.के. विश्नोईराजस्थान सरकार में मंत्री कृष्ण कुमार (के.के.) विश्नोई ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के बाद अब यमुना जल समझौता भी राज्य के विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होगा। उन्होंने कहा कि आजादी के कई दशक बाद भी शेखावाटी क्षेत्र पानी की गंभीर समस्या से जूझता रहा, लेकिन अब इस समझौते के जरिए उस लंबे संकट के समाधान की उम्मीद जगी है।
उन्होंने कहा कि करीब 32 वर्षों तक इस विषय पर केवल चर्चाएं और दावे होते रहे, लेकिन पहली बार ऐसा माहौल बना है जब लोगों को विश्वास हुआ है कि हरियाणा से वास्तव में राजस्थान को यमुना का पानी मिलेगा। विश्नोई ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों से यह लंबे समय से लंबित मुद्दा आगे बढ़ सका है।
विकास परियोजनाओं का भी किया उल्लेखके.के. विश्नोई ने कहा कि राज्य में जल परियोजनाओं के साथ-साथ अन्य बड़ी विकास योजनाएं भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने रिफाइनरी परियोजना, भारतमाला परियोजना और सड़क अवसंरचना के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से राजस्थान आर्थिक और औद्योगिक दृष्टि से नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। उनके अनुसार सरकार आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
राजस्थान के भविष्य को नई दिशा देगा फैसला: बालमुकुंद आचार्यभाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य ने यमुना जल समझौते को केवल एक प्रशासनिक समझौता नहीं, बल्कि राजस्थान के भविष्य को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने भाजपा सरकार पर जो विश्वास जताया था, यह उपलब्धि उसी भरोसे का परिणाम है। उनके अनुसार जल संकट जैसे गंभीर विषय पर ठोस समाधान निकालना सरकार की बड़ी सफलता है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान की सबसे बड़ी आवश्यकता हमेशा से पानी रही है और यह समझौता उस आवश्यकता को काफी हद तक पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे एक ओर लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध होगा, वहीं दूसरी ओर किसानों को सिंचाई के लिए भी पानी मिल सकेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा, किसानों की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री के दौरे से विकास को मिलेगी नई गतिबालमुकुंद आचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित राजस्थान दौरे का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर होगा। उन्होंने कहा कि जब भी प्रधानमंत्री राजस्थान आते हैं, राज्य को नई विकास परियोजनाओं की सौगात मिलती है और विकास कार्यों को अतिरिक्त गति प्राप्त होती है। उनके अनुसार राजस्थान लगातार प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार खाड़ी देशों ने प्राकृतिक संसाधनों के आधार पर आर्थिक विकास की नई इबारत लिखी, उसी प्रकार राजस्थान भी उद्योग, आधारभूत ढांचे और जल संसाधनों के विकास के दम पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनका मानना है कि आने वाले वर्षों में प्रदेश देश के अग्रणी विकासशील राज्यों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।