टोडाभीम। करौली जिले के टोडाभीम उपखंड अंतर्गत बालघाट क्षेत्र के भोपुर के समीप गंभीर नदी के पास मंगलवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। नदी के आसपास अचानक करंट फैलने से उसकी चपेट में आए तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में मातम छा गया है। भोपुर सहित आसपास के गांवों में शोक और दहशत का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, जबकि पुलिस और प्रशासन ने तत्काल राहत एवं जांच कार्य शुरू कर दिया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा गंभीर नदी के तटीय क्षेत्र में हुआ, जहां किसी कारणवश अचानक बिजली का करंट फैल गया। इसी दौरान वहां मौजूद तीन लोग इसकी चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक करंट इतना तेज था कि किसी को संभलने या बचने का अवसर तक नहीं मिला और तीनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में चीख-पुकार मच गई और लोगों में अफरा-तफरी फैल गई।
घटना को अपनी आंखों से देखने वाले स्थानीय लोगों ने तत्काल शोर मचाकर अन्य लोगों को सतर्क किया और बिजली विभाग तथा पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया और राहत कार्य शुरू कर दिया गया। मौके पर मौजूद लोगों ने भी बचाव प्रयास किए, लेकिन तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी।
दुर्घटना की खबर कुछ ही देर में पूरे इलाके में फैल गई। देखते ही देखते गंभीर नदी के किनारे सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। हर कोई इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध नजर आया। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर गहरा दुख और आक्रोश दोनों देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा संबंधी आवश्यक उपाय किए गए होते तो शायद इस हादसे को टाला जा सकता था।
सूचना मिलने पर बालघाट थाना पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से तीनों शवों को बाहर निकलवाया और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया। इसके बाद पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई।
इस हादसे के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नदी जैसे सार्वजनिक स्थान पर बिजली का करंट फैलना बेहद गंभीर लापरवाही का परिणाम हो सकता है। लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई है।
फिलहाल पुलिस और बिजली विभाग के तकनीकी विशेषज्ञ संयुक्त रूप से घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि करंट किसी हाईटेंशन या लो-टेंशन बिजली लाइन के टूटकर गिरने से फैला या फिर पानी में अवैध रूप से डाले गए किसी विद्युत पंप, केबल अथवा अन्य उपकरण की वजह से यह दुर्घटना हुई। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
उधर, पुलिस ने मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद यदि किसी व्यक्ति या विभाग की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।