राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जिला कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की खबर सामने आई। डाक के जरिए पहुंचे एक पत्र में यह दावा किया गया था कि कोर्ट परिसर में बम रखा गया है और उसे किसी भी वक्त विस्फोट कर उड़ाया जा सकता है। इस सूचना के मिलते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह धमकी भरा पत्र कोलकाता के एक संदिग्ध और फर्जी पते से भेजा गया था। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। अधिकारियों ने एहतियातन तत्काल कदम उठाते हुए कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों को बाहर निकालना शुरू कर दिया।
कोर्ट परिसर कराया गया खालीकोतवाली थाना प्रभारी पृथ्वी पाल सिंह ने बताया कि जैसे ही धमकी की जानकारी मिली, सभी अधिवक्ताओं के चेंबर खाली करा दिए गए। साथ ही, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बीकानेर से बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया। इसके बाद पूरे कोर्ट परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया गया, ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके।
सुरक्षा टीमों ने हर कोने की बारीकी से जांच की, लेकिन राहत की बात यह रही कि कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। जांच पूरी होने के बाद अधिकारियों ने इसे एक झूठी धमकी और अफवाह करार दिया।
सामान्य हुआ माहौलबार संघ के अध्यक्ष हंसराज तनेजा ने जानकारी दी कि तलाशी अभियान समाप्त हो चुका है और स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। सुरक्षा एजेंसियों की क्लियरेंस मिलने के बाद अधिवक्ता एक-एक कर अपने चैंबर्स में वापस लौट आए और न्यायिक कार्य भी सामान्य रूप से शुरू हो गया।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट परहालांकि इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। कोर्ट परिसर के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि के खिलाफ तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।