NEET पेपर लीक केस में बड़ा खुलासा: परीक्षा से पहले पेपर मिलने के बावजूद सिर्फ 107 अंक, CBI को दिनेश बिवाल के बेटे की तलाश

NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। अब इस केस में सीबीआई को दिनेश बिवाल के बेटे ऋषि बिवाल की तलाश है, जिस पर आरोप है कि उसे परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया था। हालांकि हैरानी की बात यह है कि कथित रूप से पेपर मिलने के बावजूद उसका प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा और वह 720 में से केवल 107 अंक ही हासिल कर सका। फिलहाल ऋषि फरार बताया जा रहा है और जांच एजेंसियां उसकी लगातार तलाश कर रही हैं।

शैक्षणिक रिकॉर्ड भी रहा कमजोर, बोर्ड परीक्षाओं में औसत प्रदर्शन

जांच के दौरान सामने आए शैक्षणिक रिकॉर्ड के अनुसार ऋषि बिवाल का अकादमिक प्रदर्शन भी औसत से नीचे रहा है। 10वीं कक्षा में उसने लगभग 44 प्रतिशत अंकों के साथ परीक्षा पास की थी, जबकि 12वीं में वह सेकंड डिवीजन से सफल हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक 12वीं बोर्ड परीक्षा में उसे पास होने के लिए ग्रेस मार्क्स का सहारा भी लेना पड़ा था।

अभिलेख बताते हैं कि कुल मिलाकर उसे 12वीं में करीब 50.80 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए थे। खासकर फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण विषयों में उसके थ्योरी मार्क्स काफी कमजोर थे, जो मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिहाज से गंभीर माने जा रहे हैं।

मेडिकल सपने के लिए खरीदा गया पेपर, लेकिन प्रदर्शन रहा निराशाजनक

जानकारी के अनुसार, परिवार की ओर से ऋषि को डॉक्टर बनाने का सपना देखा जा रहा था और इसी उद्देश्य से उसकी नीट परीक्षा की तैयारी कराई जा रही थी। जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर पेपर लीक नेटवर्क से उसे परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया था।

लेकिन इसके बावजूद उसका प्रदर्शन बेहद खराब रहा और वह केवल 107 अंक ही हासिल कर पाया। यह तथ्य पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बना देता है कि आखिर इतनी तैयारी और कथित मदद के बाद भी परिणाम इतना कमजोर कैसे रहा।
CBI की जांच तेज, पेपर लीक नेटवर्क में भूमिका की तलाश

सीबीआई अब इस पूरे मामले में ऋषि बिवाल की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक नेटवर्क से उसका संपर्क कैसे हुआ, उसे किसने और किस तरीके से सहायता पहुंचाई, और परीक्षा से पहले वह किन लोगों के संपर्क में था।

फिलहाल ऋषि फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए जांच एजेंसियां लगातार दबिश दे रही हैं। यह मामला अब केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की कड़ियों को उजागर करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।