राजस्थान में बदलेगा मौसम का मिजाज, आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि का रेड अलर्ट

राजस्थान में मौसम ने एक बार फिर करवट लेने के संकेत दे दिए हैं। जहां पश्चिमी हिस्सों में गर्मी का असर तेज होता जा रहा है, वहीं पूर्वी इलाकों में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। अब India Meteorological Department के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 18 से 20 मार्च के बीच प्रदेश में मौसम का बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। विभाग ने इस दौरान आंधी, बारिश और ओलावृष्टि को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है, जिससे हालात गंभीर हो सकते हैं।

मौसम विभाग का कहना है कि एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाएं चलेंगी, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही बादलों की गरज, हल्की से मध्यम बारिश और कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है। यह मौसमी हलचल सबसे पहले बीकानेर, जोधपुर और जैसलमेर जैसे पश्चिमी क्षेत्रों में शुरू होगी और धीरे-धीरे जयपुर, अजमेर, उदयपुर और कोटा तक फैल जाएगी।

राजधानी जयपुर में 19 और 20 मार्च को मौसम ज्यादा सक्रिय रहने का अनुमान है। इस दौरान 20 से 30 मिमी तक बारिश होने और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। बीते दो दिनों में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश के चलते तापमान में पहले ही गिरावट दर्ज की जा चुकी है। कई शहरों में दिन का पारा सामान्य से नीचे आ गया है, जबकि रात के तापमान में भी कमी आई है। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और नागौर जैसे इलाकों में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच चुका है।
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो चित्तौड़गढ़ और बाड़मेर में अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि कोटा में 36.3 डिग्री और जोधपुर में 36 डिग्री रहा। जयपुर में अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री और न्यूनतम 18.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 11.7 डिग्री और नागौर में 13.2 डिग्री दर्ज होने से रात के समय हल्की ठंड का एहसास बढ़ गया है। 17 मार्च को मौसम सामान्यतः शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन शाम के समय बादल घिरने लगेंगे।

इस बदलते मौसम का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ने की आशंका है। ओलावृष्टि के कारण गेहूं और सरसों जैसी तैयार फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। ऐसे में मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसल, अनाज और पशुधन को सुरक्षित स्थान पर रखें। इसके अलावा यात्रियों को भी सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि तेज हवाओं, कम दृश्यता और फिसलन के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। यात्रा से पहले ट्रेन और बस की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी है।

सामान्य लोगों को भी एहतियात बरतने की सलाह दी गई है। बिजली गिरने, जलभराव और तेज हवाओं से बचाव के लिए घर से बाहर निकलते समय छाता या रेनकोट साथ रखना बेहतर होगा। साथ ही IMD Weather App के जरिए स्थानीय मौसम अपडेट्स पर नजर बनाए रखना जरूरी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके। खासकर जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह अलर्ट महत्वपूर्ण है, क्योंकि बारिश के चलते ट्रैफिक जाम और जल निकासी की समस्या बढ़ सकती है।